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Uttarakhand Panchayat Election Update: उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव फिर टाल दिए गए हैं। प्रदेश के अधिकांश जिलों में पंचायत प्रशासकों की नियुक्ति कर दी गई है, जिससे फिलहाल चुनाव करवाना संभव नहीं दिख रहा है। जानिए पूरी जानकारी।
Uttarakhand Panchayat Election Update: उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव एक बार फिर स्थगित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में पंचायत प्रशासकों की नियुक्ति कर दी गई है, जिससे फिलहाल चुनाव करवाना मुश्किल दिख रहा है। सिर्फ हरिद्वार जिले में ही चुनाव प्रक्रिया के लिए प्रशासकों की नियुक्ति नहीं की गई है।
पंचायत चुनाव स्थगित, प्रशासकों का कार्यकाल समाप्त
प्रदेश की ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों का कार्यकाल 27 मई से 1 जून 2025 के बीच समाप्त हो चुका है, लेकिन चुनाव नहीं हो सके हैं। शासन ने नई परिस्थितियों को देखते हुए पंचायत चुनावों को टाल दिया है और प्रशासकों की नियुक्ति कर दी है।
पंचायत प्रशासकों की नियुक्ति की विस्तृत जानकारी
उत्तराखंड सरकार ने राज्य की लगभग 7,514 ग्राम पंचायतों, 2,941 क्षेत्र पंचायतों और 343 जिला पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति की है। हरिद्वार जिले को छोड़कर सभी जिलों में यह नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं। ग्राम पंचायतों में सहायक विकास अधिकारी, क्षेत्र पंचायतों में उप जिलाधिकारी और जिला पंचायतों में जिलाधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
चुनाव की संभावित नई तारीख
सरकार ने अभी चुनाव की नई तिथि घोषित नहीं की है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई 2025 के अंत तक उत्तराखंड में पंचायत चुनाव संभव है। फिलहाल प्रशासकों के माध्यम से पंचायतों का प्रशासन संभाला जा रहा है।
पंचायत चुनाव स्थगन के कारण और प्रभाव
स्थानीय प्रशासन में स्थिरता बनाए रखने और प्रशासनिक कामकाज में व्यवधान से बचने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। हालांकि इससे चुनाव प्रक्रिया में देरी हुई है, लेकिन प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सुचारु रूप से चलाने के लिए प्रशासकों की नियुक्ति जरूरी थी।
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