होमगार्ड और अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक तकनीक से लैस करेगी सरकारः मुख्यमंत्री

होमगार्ड और अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक तकनीक से लैस करेगी सरकारः मुख्यमंत्री
अग्निशमन सेवा सप्ताह के समापन पर मुख्यमंत्री ने कहा, 700 होमगार्ड की भर्ती शीघ्र होगी शुरू

मुख्यमंत्री ने 13 अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाई, दो शहीदों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की घोषणा
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला जिला के बलदेयां में राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण केंद्र में अग्निशमन सेवा सप्ताह के समापन समारोह की अध्यक्षता की। समापन समारोह के दौरान अग्निशमन विभाग के कर्मियों द्वारा अग्निशमन और बचाव कार्यों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने विभाग की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 13 नए अग्निशमन वाहनों को भी हरी झंडी दिखाई।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अग्निशमन सेवा कर्मियों को उनकी अनुकरणीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया और 14 से 20 अप्रैल तक आयोजित अग्निशमन सेवा सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की और सोलन जिला के नालागढ़ में वर्ष 2009 में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए दो अग्निशमन कर्मियों, शहीद जोगिंद्र पाल और शहीद घनश्याम के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने अग्निशमन, होमगार्ड और पुलिस कर्मियों की बहादुरी और कार्य के प्रति समर्पण भाव की सराहना करते हुए कहा कि आग की भयावता के बीच जान-माल की रक्षा करना कर्तव्य के निर्वहन के साथ-साथ एक महान सेवा भी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार होमगार्ड विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए प्रयास कर रही है और शीघ्र ही 700 नए होमगार्ड कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू जाएगी। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023 की आपदा के दौरान अग्निशमन सेवाओं, होमगार्ड और एसडीआरएफ कर्मियों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
श्री सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं और राजनीतिक चुनौतियों को सफलतापूर्वक पार किया है और हिमाचल को आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सरकार कल्याणकारी नीतियों और कानूनों में सुधार कर आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है।
पिछली भाजपा सरकार पर सार्वजनिक धन के कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया है और भ्रष्टाचार के दरवाजे बंद करके 2200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार कर रही है। राज्य सरकार 100 स्कूलों से शुरुआत करते हुए सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू करने पर विचार कर रही है। प्रदेश के लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इन प्रयासों के सुखद और सकारात्मक परिणाम भविष्य में सामने आएंगे।
मुख्यमंत्री ने अग्निशमन विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी भी ली जिसका नेतृत्व नितिन धीमान ने किया।
अग्निशमन सेवा निदेशक सतवंत अटवाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और विभाग की गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, महापौर सुरेन्द्र चौहान, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे।

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