सरकारी मछली पूंग फार्मों से सालाना 14 करोड़ से अधिक उच्च गुणवत्ता वाली मछली पूंग का हो रहा उत्पादन: खुड्डियां

सरकारी मछली पूंग फार्मों से सालाना 14 करोड़ से अधिक उच्च गुणवत्ता वाली मछली पूंग का हो रहा उत्पादन: खुड्डियां

 

पंजाब में विभिन्न मत्स्य पालन परियोजनाओं के तहत 500 से अधिक लाभार्थियों को 27 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी

 

प्राकृतिक जल स्रोतों, निजी एवं पंचायती तालाबों से 1.81 लाख टन से अधिक मछली का उत्पादन: मत्स्य पालन मंत्री

 

चंडीगढ़, 12 फरवरी:

 

पंजाब के पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन मंत्री स गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज बताया कि राज्य में मत्स्य उत्पादन और एक्वाकल्चर के विकास के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों के चलते इस क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के मछली पूंग फार्मों से सालाना 14 करोड़ से अधिक उच्च गुणवत्ता वाली मछली पूंग का उत्पादन किया जा रहा है, जिसे किसानों को सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

उन्होंने बताया कि मत्स्य पालकों की सुविधा के लिए राज्य में 16 सरकारी मछली पूंग फार्म, 11 मछली फीड मिलें और 7 प्रयोगशालाएँ उपलब्ध हैं। सरकारी फार्मों से दिसंबर 2024 तक 14.74 करोड़ मछली पूंग का उत्पादन किया गया, जो वर्ष 2023 में 13.90 करोड़ था। उन्होंने बताया कि राज्य में मत्स्य पालन के तहत 43,973 एकड़ क्षेत्र है और प्राकृतिक जल स्रोतों, निजी एवं पंचायती तालाबों से 1,81,188 टन मछली का उत्पादन किया जा रहा है।

 

मत्स्य पालन मंत्री ने बताया कि राज्य के युवाओं और महिलाओं को मत्स्य पालन को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है और विभिन्न परियोजनाओं के तहत इकाइयाँ स्थापित करने की लागत का 40% से 60% तक वित्तीय अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष विभिन्न परियोजनाओं के तहत 500 से अधिक लाभार्थियों को लगभग 27 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई, जिनमें मछली एवं झींगा पालन के नए क्षेत्र, रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आर.ए.एस.) की स्थापना, बायोफ्लोक कल्चर सिस्टम, मछली एवं इसके उत्पादों के परिवहन के लिए वाहन खरीद, मछली फीड मिल, मछली कियोस्क आदि शामिल हैं।

 

स गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि मछली और झींगा पालन से संबंधित प्रारंभिक प्रशिक्षण हर महीने निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा, तालाब तैयार करने, पूंग के भंडारण, मत्स्य पालन और तैयार मछली प्राप्त करने के लिए तकनीकी सहायता भी प्रदान की जा रही है।

 

राज्य में नीली क्रांति लाने के लिए स गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि विभाग द्वारा मत्स्य उत्पादन और एक्वाकल्चर के विकास के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाया गया है और बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों की आय में और वृद्धि करना है। उन्होंने बताया कि राज्य में मत्स्य पालन से संबंधित बुनियादी ढांचे को और मजबूत करते हुए फाजिल्का जिले के गांव किलियांवाली में नया सरकारी मछली पूंग फार्म और जिला पटियाला के गांव घलोड़ी में नई मछली मंडी की स्थापना की गई है।

 

मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास की संभावनाओं और विस्तार पर प्रकाश डालते हुए स गुरमीत सिंह खुड्डियां ने राज्य के किसानों से अपनी आय बढ़ाने के लिए कृषि से जुड़े सहायक व्यवसायों को अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि राज्य के 6 मछली एवं झींगा पालकों को भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग द्वारा नई दिल्ली में 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित भी किया गया है।

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