संभावित बाढ़ स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन सतर्क: आशिका जैन

संभावित बाढ़ स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन सतर्क: आशिका जैन

– डिप्टी कमिश्नर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ की बैठक

– सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के दिए स्पष्ट निर्देश

– संबंधित विभागों को सौंपे गए विशेष कार्य, फील्ड स्तर पर भी प्रभावी अमल सुनिश्चित करने पर बल

 

होशियारपुर, 9 जुलाई: डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन की अध्यक्षता में आज ज़िला प्रशासकीय परिसर में संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य बाढ़ की संभावनाओं के मद्देनज़र पूर्व तैयारियों की समीक्षा करना तथा सभी विभागों को उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना था।

 

डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने निर्देश दिए कि राजस्व विभाग बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान कर राहत एवं बचाव केंद्रों को चिन्हित करे। पटवारियों व कानूनगो की ड्यूटियां पहले से तय कर ली जाएं ताकि आपात स्थिति में रेस्क्यू व राहत कार्यों में कोई देरी न हो।

 

डिप्टी कमिश्नर ने नगर निगम/कौंसिल और जल आपूर्ति विभाग को निर्देश दिया कि सभी नालों व नालियों की सफाई युद्धस्तर पर पूरी की जाए। जलभराव वाले क्षेत्रों की सूची बनाकर वहां विशेष इंतजाम किए जाएं ताकि पानी की निकासी बिना किसी बाधा के हो सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमें तैनात रखने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, आवश्यक दवाओं, क्लोरीन की गोलियों और जीवनरक्षक उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।

 

डिप्टी कमिश्नर ने पावर कारपोरेशन को बाढ़ संभावित क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर, तारों और पोलों की विशेष निगरानी करने और आवश्यकता अनुसार उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। आपातकालीन स्थिति में तुरंत सप्लाई बहाल करने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम तैयार रखने को भी कहा गया।

 

उन्होंने पुलिस विभाग, होमगार्ड, नेहरू युवा केंद्र को निर्देश दिए गए कि गया भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और राहत कार्यों में सहयोग के लिए तैयार रहें। ज़िला रेड क्रॉस सोसायटी को स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ मिलकर राहत सामग्री सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए।

 

ड्रेनज विभाग को चोअ व डैमों के जलस्तर की नियमित निगरानी करने को कहा गया। एसडीएमज को एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के साथ समन्वय बनाकर चलने के अलावा आवश्यक संसाधनों व नावों आदि की उपलब्धता सुनिश्चित बनाने के लिए कहा गया।

 

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि प्रशासनिक तैयारियों के साथ-साथ जनसहयोग भी बेहद जरूरी है। लोगों को जागरूक करने के लिए पंचायतें, नगर निकाय और सामाजिक संस्थाएं मिलकर काम करें।

 

आशिका जैन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागीय स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दें। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में तत्परता से कार्य करना ही हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

 

डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जिले में बाढ़ से निपटने के लिए जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो कि सातों दिन, 24 घंटे कार्यरत है। उन्होंने बताया कि इस कंट्रोल रूम के माध्यम से बाढ़ संबंधित सभी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान किया जा सकेगा और ज़रूरतमंद लोगों तक तुरंत राहत पहुंचाई जाएगी। जिला स्तर पर बनाए गए इस कंट्रोल रूम का टेलीफोन नंबर 01882-220412 है। उन्होंने

बताया कि इसी तरह तहसील स्तर पर भी बाढ़ कंट्रोल रुम स्थापित किए गए हैं, जिसमें तहसील होशियारपुर के कंट्रोल रुम का टेलीफोन नंबर 01882-244175, तहसील गढ़शंकर में कंट्रोल रुम का नंबर 01884-282026, तहसील दसूहा में कंट्रोल रुम का नंबर 01883-506268, तहसील टांडा में कंट्रोल रुम का नंबर

01886-512952 व तहसील मुकेरियां का कंट्रोल रूम नंबर

01883-244310 है। उन्होंने कहा कि यदि जिले में बरसातों के दौरान बाढ़ की कोई सूचना मिलती है तो वे स्थापित किए गए इन कंट्रोल रुमों पर इसकी सूचना तुरंत दें। इसके अलावा बाढ़ संबंधी कोई सूचना लेनी हो तब भी उक्त नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।

 

इस मौके पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) निकास कुमार, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (सामान्य) अमरबीर कौर भुल्लर, एसडीएम दसूहा कंवलजीत सिंह, एसडीएम होशियारपुर गुरसिमरनजीत कौर, डीआरओ लार्सन सिंगला के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

Related posts

पंजाब न कभी झुका और न कभी झुकेगा- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रधानमंत्री मोदी को स्पष्ट संदेश दिया

भगवंत सिंह मान सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ लाई रंग, पंजाब ने केरल को पछाड़कर अग्रणी स्थान हासिल किया

स्कूली शिक्षा में पंजाब ने केरल को पछाड़ा, नीति आयोग की रिपोर्ट में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य बना: हरजोत सिंह बैंस

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More