श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत को समर्पित महान कीर्तन समागम

श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत को समर्पित महान कीर्तन समागम

-महान कीर्तन समागम में बड़ी संख्या में संगत ने गुरबाणी का श्रवण कर गुरु साहिब की बेमिसाल शहादत को नमन किया

-शहादत की कथा और गुरबाणी कीर्तन ने संगतों को गौरवमयी इतिहास से जोड़ा

श्री आनंदपुर साहिब/चंडीगढ़, 25 नवंबर:

हिंद की चादर, नौवें पातशाह, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ को समर्पित पंजाब सरकार द्वारा आयोजित आयोजनों की श्रृंखला के अंतर्गत आज छावनी बुढ़ा दल में सजे विशाल पंडाल में कीर्तन समागम का आयोजन किया गया। इस दौरान पंथ-प्रसिद्ध रागी जथों ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की बाणी का कीर्तन करके संगत को निहाल किया। बड़ी संख्या में संगत ने गुरबाणी का श्रवण कर गुरु साहिब की लाजवाब शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सिख चिंतक और पंथक प्रवक्ता भगवान सिंह जोहल ने मंच संचालन करते हुए संगत को गुरु साहिब के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया।

पंथ-प्रसिद्ध भाई साहिब बलविंदर सिंह रंगीला और रागी जथों ने शबद गायन और गुरु इतिहास के माध्यम से संगतों को आनंदित किया। कथा वाचक ज्ञानी हरजीत सिंह हरमन ने श्री गुरु तेग बहादुर जी, भाई सती दास जी, भाई मती दास जी और भाई दियाला जी की अद्वितीय शहादत के इतिहास और घटनाक्रम का अत्यंत सुंदर वर्णन किया।

भाई साहिब सुखदीप सिंह, भाई साहिब अमरजीत सिंह तान और भाई साहिब जसबीर सिंह (पौंटा साहिब) ने भी रसपूर्ण गुरबाणी का गायन किया। वहीं बाबा सुचा सिंह गुरमत संगीत विद्यालय के प्रिंसिपल भाई सुखवंत सिंह, भाई ईश्वर सिंह लुधियाना के जथे और विद्यार्थियों ने गुरमत संगीत तथा तंत्री वाद्यों के साथ रागों में नौवें पातशाह की गुरबाणी का अद्भुत गायन किया।

इस महान कीर्तन समागम में बाबा सरबजोत सिंह बेदी, संत कश्मीर सिंह भूरी वाले, जथेदार बाबा बलबीर सिंह 96 करोड़ी (मुखी निहंग सिंह जथेबंदी बुढ़ा दल), संत बलविंदर लंगरां वाले (हजूर साहिब), संत सेवा सिंह रामपुर खेड़े वाले, संत अवतार सिंह सुरसिंघ (मुखी दल पंथ बाबा बिधी चंद जी), संत बलबीर सिंह सीचेवाल, बाबा मनमोहन सिंह बारन वाले, ज्ञानी प्रताप सिंह (पूर्व हेड ग्रंथी हजूर साहिब), बाबा बलविंदर सिंह तरणा दल मेहता चौक, बाबा गुरदेव सिंह शहीदी बाग, बाबा दर्शन सिंह टाहला साहिब, बाबा जोगा सिंह तरणा दल बाबा बकाला, बाबा जगजीत सिंह मढ़ियां वाले, कार सेवा सरहाली बाबा मिल्खा सिंह, भाई मती दास जी के वंश की सातवीं पीढ़ी से भाई चरणजीत सिंह, भाई मान सिंह तरणा दल, भाई हरजीत सिंह मेहता चौक, बुढ़ा दल के एडवोकेट करणजीत सिंह, भाई भूपिंदर सिंह रामपुर खेड़े वाले सहित अन्य अनेक संप्रदायों के संत महापुरुष भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर संगत के रूप में कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा, गुरमीत सिंह खुड्डियाँ, संजीव अरोड़ा, हरजोत सिंह बैंस, लाल चंद कटारूचक्क, हरभजन सिंह ई.टी.ओ., हरदीप सिंह मुंडियां, लालजीत सिंह भुल्लर, बरिंदर कुमार गोयल, लोकसभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग, पर्यटन विभाग के सलाहकार दीपक बाली, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रो. करमजीत सिंह, पंजाबी विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. जगदीप सिंह, पद्मश्री जगजीत सिंह दरदी, सिख विश्वकोश विभाग के प्रो. परमवीर सिंह, डॉ. अमरजीत सिंह, सिमरजीत सिंह कंग, प्रदेश महासचिव बलतेज पन्नू, बड़ू साहिब से सुरजीत सिंह, उदासी संप्रदाय से सुखदेव सिंह बैद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कीर्तन समागम में उपस्थित होकर श्रद्धांजलि दी।

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