शिमला 8 अक्तूबर. केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान में हिन्दी पखवाड़े का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह

शिमला 8 अक्तूबर. केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान में हिन्दी पखवाड़े का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आज निदेशक डॉ. ब्रजेश सिंह की अध्यक्षता में एवं मुख्य अतिथि डॉ. संजीव कुमार चौरसिया उपनिदेशक, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, शिमला की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत आईसीएआर के गीत शुरू हुई और संस्थान के निदेशक डॉ. ब्रजेश सिंह ने संस्थान की गतिविधियों से सभी को अवगत कराया उन्होंने राजभाषा का जिक्र करते हुए बताया की एक शोध संस्थान होने के बावजूद संस्थान के सभी वर्ग अपना कार्य हिन्दी में ही करते हैं जिसके परिणामस्वरूप संस्थान 95 से 98 प्रतिशत तक सरकारी कामकाज हिन्दी और उनके लिए समय समय पर विभिन्न प्रोत्साहन पुरुस्कार आयोजित किए जाते हैं। चूंकि 14 सितंबर 1949 को देश की सविधान सभा ने हिन्दी को राजभाषा का दर्ज दिया था और इसी क्रम में हम 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के रूप में मनाते हुए हर साल हिन्दी पखवाड़े या हिन्दी मास का आयोजन करते हैं और कर्मचारियों के प्रोत्साहन के लिए विभिन्न स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित करते हैं।

 

मुख्य अतिथि ने अपने भाषण में बताया की हिन्दी ही एक ऐसी भाषा है जो राष्ट्र को एक सूत्र में जोड़ती है। सरकार की सुविधाओं के पूर्ण उपयोग और लोगों के बीच के संपर्क की एक ऐसी भाषा होना चाहिए जो सभी को मान्य हो इसमें हिन्दी ही एकमात्र भाषा है जो खरी उतरती है।

 

राजभाषा अधिकारी श्री राजदीप बक्स ने बताया कि इस वर्ष पखवाड़े के दौरान 7 प्रतियोगिताओं में लगभग 90 प्रतिभागियों ने प्रतिभागिता की और अनुवाद प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सांत्वना पुरस्कार क्रमशः कुमारी प्रवर्तिका दास, डॉ. विकास मंगल, श्रीमती तरविंदर कौर कोछड़, डॉ. धर्मेन्द्र कुमार और श्री विनोद कुमार को दिया गया। हिदी टिप्पण और प्रारूप लेखन में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सांत्वना पुरस्कार क्रमशः कुमारी प्रवर्तिका दास, श्री सुनील ठाकुर, श्री पवन कुमार और श्रीमती शशि ठाकुर को दिया गया। लिखित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के अंतर्गत प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सांत्वना पुरस्कार क्रमशः श्री पदम चंद, श्री यशपाल, श्री दीपक वर्मा और कुमारी अर्चना को दिया गया। कम्प्यूटर पर हिन्दी टंकण में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सांत्वना पुरस्कार क्रमशः, श्री यशपाल, श्री पदम चंद श्री गीतेश वर्मा और श्रीमती तनुजा बकसेठ को दिया गया। आशुभाषण प्रतियोगिता के अंतर्गत प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सांत्वना पुरस्कार क्रमशः श्री रजत सेठी, श्री नरेश चंद शर्मा, कुमारी विनीता शर्मा और श्रीमती श्रीमती तरविंदर कौर कोछड़ को दिया गया। इसी प्रकार जोड़ी के रूप में प्रश्न मंच प्रतियोगिता में प्रथमकुमारी विनीता शर्मा, कुमारी प्रवर्तिका दास द्वितीय श्री राकेश कंवर और डॉ. धर्मेन्द्र कुमार तृतीय श्री धर्मेन्द्र गुप्ता और श्री राम सिंह और सांत्वना पुरस्कार संजय कुमार और श्री वीरेंद्र चौहान को मिला। पखवाड़े के दौरान निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. आलोक कुमार, डॉ. जगदेव शर्मा, डॉ. संजीव शर्मा, श्रीमती मीना वर्मा, श्री रजत सेठी, श्री राजदीप बक्स, श्री सचिन कंवर एवं प्रवर्तिका दास ने निभाई। समस्त पुरुस्कार विजेताओं को नकद पुरस्कार से और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की सफलता में श्री नरेश कुमार शर्मा, श्री शीश राम, श्री संतोष कुमार,श्री धर्म प्रकाश गौतम, डॉ. आलोक कुमार और श्री राजदीप बक्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही। श्री रजत सेठी ने अंत में धन्यवाद प्रस्ताव प्रेषित कि

या।

 

Related posts

कुलतार सिंह संधवां ने केंद्र सरकार से किसानों के मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की

मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने दी सख्त चेतावनी, बारिश से पहले सड़क परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश

पंजाब शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मच्छीवाड़ा स्कूल निरीक्षण में 6 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More