लालजीत सिंह भुल्लर द्वारा सड़क यातायात पीड़ितों के लिए विश्व स्मृति दिवस पर ‘हिट एंड रन मुआवज़ा योजना’ के लिए कार्य-योजना की शुरुआत

लालजीत सिंह भुल्लर द्वारा सड़क यातायात पीड़ितों के लिए विश्व स्मृति दिवस पर ‘हिट एंड रन मुआवज़ा योजना’ के लिए कार्य-योजना की शुरुआत

चंडीगढ़, 16 नवम्बर:

नवंबर के तीसरे रविवार को विश्व स्तर पर मनाए जाने वाले सड़क यातायात पीड़ितों के विश्व स्मृति दिवस के अवसर पर, पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने सड़क सुरक्षा संबंधी लीड एजेंसी के अधिकारियों और सिविल सोसायटी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष बैठक बुलाई। आज यहां हुई इस बैठक में राज्य में हिट एंड रन मुआवज़ा योजना की कार्य-योजना की औपचारिक शुरुआत की गई। यह दिन सड़क दुर्घटना पीड़ितों की याद में, उनके शोकाकुल परिवारों के समर्थन में और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

इस अवसर पर परिवहन मंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने, पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए सहायता प्रणालियों को बेहतर बनाने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि यह एक्शन प्लान पंजाब की हिट एंड रन मुआवज़ा योजना, जो राज्य की सड़क सुरक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, के तहत जागरूकता बढ़ाने और समय पर सहायता सुनिश्चित करने के संकल्प को दर्शाता है। हिट एंड रन मुआवज़ा योजना, 2022 के तहत, मृत्यु के मामलों में 2,00,000  रुपए और गंभीर चोट के मामलों में 50,000 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जहां दोषी वाहन या चालक की पहचान नहीं हो पाती।

पंजाब ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए, मंत्री ने बताया कि 2022 और 2023 के 3,324 हिट-एंड-रन मामले लंबित हैं, जिनमें 2,510 मौतें और 1,317 गंभीर रूप से घायल व्यक्ति शामिल हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों को राहत सुनिश्चित करते हुए, सरकार 31 मार्च 2026 तक इन लंबित मामलों का निपटारा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

रोड सेफ्टी की लीड एजेंसी के डायरेक्टर जनरल, आर. वेंकट रत्नम, आईएएस (सेवानिवृत्त), ने बताया कि लीड एजेंसी ने छह जिला मुख्यालयों—जालंधर, एसएएस नगर (मोहाली), बठिंडा, तरनतारन, फिरोजपुर और पटियाला—में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सत्रों का कार्यक्रम तैयार किया है, जिसमें आसपास के ज़िले भी शामिल होंगे। 25 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक चलने वाले ये सत्र एसडीएम, एसपी/डीएसपी (ट्रैफिक), सिविल सर्जन और आरटीओ को मुआवज़ा वितरण प्रक्रिया को तेज करने के लिए केस दस्तावेजों की प्रोसेसिंग और अपलोडिंग संबंधी प्रशिक्षण देंगे। यह प्रशिक्षण सड़क सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हरप्रीत सिंह द्वारा, अवॉइड एक्सीडेंट एनजीओ और अन्य सूचीबद्ध संगठनों के सहयोग से दिया जाएगा। फाइल प्रोसेसिंग को सरल बनाने के लिए एक विस्तृत चेकलिस्ट भी तैयार की गई है।

लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) के संयुक्त निदेशक परमजीत सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा होने के बाद, लीड एजेंसी मयंक फाउंडेशन, मुक्तसर वेलफेयर क्लब और अवॉइड एक्सीडेंट जैसी गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर सुविधा शिविर आयोजित करेगी, ताकि दावेदारों को मौके पर ही दस्तावेज पूरे करने और मुआवज़ा वितरण को तेज करने में सहायता मिल सके। ये पहलें न केवल परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के निरंतर प्रयासों को दर्शाती हैं, बल्कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों से की गरिमा एवं अधिकारों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती हैं। एक समन्वित और संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ, पंजाब सरकार का उद्देश्य मुआवज़ा प्रक्रियाओं को अधिक सुलभ, कुशल और प्रभावी बनाना है।

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