रागियों, ग्रंथियों और पाठियों को उचित वेतन सुनिश्चित करने के लिए स्पीकर ने श्री अकाल तख्त साहिब से दखल देने की मांग की

रागियों, ग्रंथियों और पाठियों को उचित वेतन सुनिश्चित करने के लिए स्पीकर ने श्री अकाल तख्त साहिब से दखल देने की मांग की

 

कोटकपूरा में गुरबाणी कीर्तन के दौरान संधवां ने रागियों, ग्रंथियों और पाठियों का किया सम्मान

 

चंडीगढ़, 24 अक्टूबर:

 

पंजाब विधानसभा के स्पीकर स कुलतार सिंह संधवां ने शुक्रवार को ज़िला फरीदकोट के गांव संधवां स्थित अपने पैतृक निवास पर एक आध्यात्मिक गुरबाणी शब्द कीर्तन का आयोजन किया, जहां उन्होंने पूरे श्रद्धाभाव से रागी सिंहों, ग्रंथियों और पाठियों का सम्मान किया। इस पवित्र अवसर पर उन्होंने सिख पंथ और समाज के प्रति उनकी आध्यात्मिक सेवा के लिए आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सिरोपा भेंट किए।

 

इस दौरान विशेष अतिथियों में तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो से आए ‘पंज प्यारों’ में से एक भाई अमनदीप सिंह भी उपस्थित थे। उन्होंने पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला द्वारा हाल ही में पुनः प्रकाशित “महान कोश” में हुई त्रुटियों के सुधार के लिए स्पीकर संधवां के महत्वपूर्ण प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्पीकर द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदम सिख विरासत और विद्वतापूर्ण प्रामाणिकता के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाते हैं। भाई अमनदीप सिंह ने श्री फतेहगढ़ साहिब स्थित ऐतिहासिक दीवान टोडर मल हवेली की देखभाल और पुनः बहाली के कार्य में संधवां की समर्पित निगरानी की भी प्रशंसा की। यह स्थान सिख इतिहास में सर्वोच्च बलिदान और आस्था से जुड़ा होने के कारण अत्यंत सम्मानित है।

 

उन्होंने श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी के 350वें शताब्दी समारोह की रूपरेखा तैयार करने में स्पीकर संधवां के प्रयासों तथा जाति, नस्ल और धर्म से ऊपर उठकर सेवा और करुणा के प्रतीक भाई घन्हैया जी के विश्वव्यापी संदेश को फैलाने के उनके सतत प्रयासों की भी सराहना की। इस अवसर पर जथेदार बाबा कुलवंत सिंह चाणकिया ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष अरदास की और आध्यात्मिक आशीर्वादों के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

 

अपने संबोधन में, स्पीकर संधवां ने कहा कि यह सिख पंथ के नेतृत्वकर्ताओं, विशेष रूप से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अन्य वैश्विक गुरुद्वारा संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि रागियों, ग्रंथियों और पाठियों को निष्पक्ष और सम्मानजनक वेतन प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि वे लोग जो गुरबाणी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं, उन्हें उचित आर्थिक सहयोग मिलना आवश्यक है ताकि वे अपने परिवारों की देखभाल कर सकें और सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।

 

संधवां ने घोषणा की कि वे शीघ्र ही श्री अकाल तख्त साहिब के जथेदार को एक लिखित प्रार्थना-पत्र सौंपेंगे, जिसमें अनुरोध किया जाएगा कि सभी गुरुद्वारों में रागियों, ग्रंथियों और पाठियों के लिए न्यूनतम वेतन ढांचा तय करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि वे इस सामूहिक चिंता के विषय को आगे बढ़ाने के लिए व्यक्तिगत रूप से भी जथेदार साहिब से मुलाकात करेंगे।

 

संगत के समक्ष अपनी विनम्रता प्रकट करते हुए, स्पीकर ने कहा कि उनका परिवार सिख सिद्धांतों और सामुदायिक एकता को बढ़ावा देने वाले श्रद्धालुओं और विद्वानों की सेवा में हमेशा अग्रणी रहेगा। उनके परिवार के सदस्य — माता गुरमेल कौर, बीबी गुरप्रीत कौर संधवां, बीबी परमजीत कौर, और एडवोकेट बीरिंदर सिंह — के साथ-साथ कई पंथक नेता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इस आयोजन में भाग लिया।

समारोह का समापन सिख पंथ की शांति, एकता और चढ़दी कला के लिए सामूहिक अरदास के साथ हुआ।

Related posts

सतौज से संसद तक भगवंत मान का सफर, परिवार, गांव और स्कूल से जुड़ी यादों की दिखी झलक

‘हमारे राम’ के रावण अशुतोष राणा और भगवान शिव बने तरुण खन्ना ने श्री दरबार साहिब में टेका माथा

नशे के खिलाफ मान सरकार की मुहिम को गांवों का साथ, अजीतपाल सिंह कोहली की अगुवाई में बैठक

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More