युद्ध नशों विरुद्ध: पंजाब पुलिस ने पाँच महीने से भी कम समय में 1000 किलो से अधिक हेरोइन बरामद की

युद्ध नशों विरुद्ध: पंजाब पुलिस ने पाँच महीने से भी कम समय में 1000 किलो से अधिक हेरोइन बरामद की

— 23 हज़ार से अधिक नशा तस्कर गिरफ्तार; 344 किलो अफीम और 12 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जब्त

— 148वें दिन 13 किलो हेरोइन, 8.3 लाख रुपये की ड्रग मनी सहित 99 नशा तस्कर काबू

चंडीगढ़, 27 जुलाई:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर शुरू की गई ‘युद्ध नशों विरुद्ध”’ मुहिम के तहत उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हुए पंजाब पुलिस ने पाँच महीनों से भी कम समय में 1,002 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। इस मुहिम की शुरुआत 1 मार्च 2025 से हुई थी, और तब से अब तक 23,647 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर 14,906 एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह पंजाब को नशा मुक्त बनाने के प्रति राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए पुलिस कमिश्नरों, उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। इस अभियान की शुरुआत से ही पंजाब पुलिस, डीजीपी श्री गौरव यादव के नेतृत्व में, पूरे प्रदेश में ड्रग हॉटस्पॉट्स पर छापेमारी, घेराबंदी, तलाशी अभियान और नाइट डॉमिनेशन ऑपरेशन्स जैसी कार्रवाई कर रही है।

विशेष डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) अर्पित शुक्ला, जो इन कार्रवाइयों की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं, ने बताया कि 1 ,002 किलो हेरोइन के अतिरिक्त पंजाब पुलिस ने 344 किलो अफीम, 182 क्विंटल भुक्की, 14 किलो चरस, 365 किलो गांजा, 6 किलो आई सी ई (क्रिस्टल मेथ), 30.9 लाख नशीली गोलियाँ/कैप्सूल और 12.03 करोड़ रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की है।

विशेष डीजीपी ने कहा कि पाँच महीनों में 1002 किलो हेरोइन की बरामदगी, प्रदेश से नशा समाप्त करने की दिशा में पंजाब पुलिस की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

148वें दिन की कार्रवाई के आँकड़े साझा करते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों ने राज्यभर में 425 स्थानों पर छापेमारी की, जिसके दौरान 99 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर 72 एफआईआर दर्ज की गईं।

उन्होंने बताया कि इन गिरफ्तारियों के दौरान आरोपियों के कब्जे से 12.9 किलो हेरोइन, 701 ग्राम अफीम, 70,720 नशीली गोलियाँ/कैप्सूल/टीके, और 8.38 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई।

उन्होंने आगे बताया कि 86 गजेटेड अधिकारियों की निगरानी में, 1300 से अधिक पुलिसकर्मियों वाली 180 से अधिक टीमें पूरे राज्य में सक्रिय रहीं। दिन भर चले इस ऑपरेशन में 443 संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी भी ली गई।

विशेष डीजीपी ने बताया कि राज्य सरकार ने पंजाब से नशा समाप्त करने के लिए एक त्रिस्तरीय रणनीति लागू की है — प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट), नशामुक्ति (डी-एडिक्शन) और रोकथाम (प्रिवेंशन)। इसी प्रयास के तहत, पंजाब पुलिस ने 78 व्यक्तियों को नशा छोड़ने और पुनर्वास के लिए उपचार शुरू करने के लिए राज़ी किया है।

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