मेहतन को टालना, सफलता को खोने के बराबर हैः आशिका जैन

मेहतन को टालना, सफलता को खोने के बराबर हैः आशिका जैन

–    डिप्टी कमिश्नर “स्कूल मेंटरशिप प्रोग्राम” के अंतर्गत स्कूल ऑफ एमिनेंस गढ़शंकर में विद्यार्थियों व शिक्षकों के साथ हुई रुबरु

–    विद्यार्थियों ने अपने भविष्य को लेकर डिप्टी कमिश्नर के साथ की बेबाक बातचीत

–    कहा, विद्यार्थियों की रुचि के हिसाब अलग-अलग ग्रुप बनाकर किया जाएगा गाईड

गढ़शंकर, होशियारपुर। पंजाब सरकार की ओर से शुरु किए गए “स्कूल मेंटरशिप प्रोग्राम” के तहत आज डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने स्कूल ऑफ एमिनेंस, गढ़शंकर का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल प्रशासन से संवाद करते हुए शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए कई अहम पहलुओं पर चर्चा की।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेहनत को टालने का मतलब सफलता को खोना है। इस लिए अभी से की गई मेहनत आने वाले दिनों में अच्छा परिणाम लेकर आएगी। इस दौरान उन्होंने छात्रों को करियर विकल्पों की जानकारी दी और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की रुचि के हिसाब से अलग-अलग विषयों के ग्रुप बनाए जाएंगे और आने वाले समय में स्कूल को उस हिसाब से स्टडी मटीरियल दिया जाएगा व एक्सपर्ट सेशनों का आयोजन किया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य प्राप्त करने में किसी तरह की कोई कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि सिर्फ किताबों तक सीमित शिक्षा अब पर्याप्त नहीं है, छात्रों को वास्तविक जीवन से जुड़ी समझ, एक्सपोज़र विज़िट और आधुनिक तकनीकों की भी उतनी ही जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों से भी संवाद किया और उन्हें नवीन शिक्षण तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही अभिभावकों की स्कूल गतिविधियों में भागीदारी को भी बढ़ावा देने पर बल दिया।

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चे भी बड़े सपने देख सकते हैं और उन्हें पूरा कर सकते हैं। “स्कूल मेंटरशिप प्रोग्राम” एक नई सोच है, जो सरकारी शिक्षा व्यवस्था को ऊंचाइयों तक ले जाने का माद्दा रखती है। उन्होंने इस दौरान स्कूल की छात्राओं से वादा किया कि अगर वे भविष्य में अच्छे नंबर लाती हैं और उच्च शिक्षा के लिए जिले में या जिले से बाहर जाना चाहती है, तो वे उनके अभिभावकों से बातचीत करेंगी और जरुरत पड़ने पर प्रशासन की ओऱ से पढ़ने के लिए आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने इस दौरान विद्यार्थियों को पढ़ाई में रुचि लाने, ज्यादा समय तक पढ़ाई करने संबंधी टिप्स भी दिए।

इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सोच से प्रेरित इस प्रोग्राम का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा देना और उन्हें सशक्त मार्गदर्शन प्रदान करना। यह पहली बार है जब सरकार ने आई.ए.एस, आई.पी.एस. व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को छात्रों के जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका सौंपते हुए शिक्षा में नवीनता और व्यावहारिक समझ को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम के तहत उनकी ओर से विद्यार्थियों के करियर मार्गदर्शन, स्कूल के बुनियादी ढांचे और संसाधनों के सुधार, और नवीनता पर आधारित शिक्षण की दिशा में सलाहकार की भूमिका निभाई जाएगी। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी ललिता अरोड़ा, स्कूल प्रिंसिपल सीमा बुद्धिराजा, रैडक्रास सोसायटी के सचिव मंगेश सूद भी मौजूद थे।

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