मुख्यमंत्री मान ने कैप्टन को करवाया याद; गुटका साहिब की सौगंध उठाने के बाद भी आप नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई से हिचकते रहे

मुख्यमंत्री मान ने कैप्टन को करवाया याद; गुटका साहिब की सौगंध उठाने के बाद भी आप नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई से हिचकते रहे

कहा; भतीजे ने प्रदेश में नशा लाया और चाचा ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में इस कारोबार को फलने-फूलने में मदद की

नशा तस्करों के मानवाधिकारों को लेकर भाजपा नेता की चिंता पर उठाए सवाल

नशा तस्कर की गिरफ्तारी पर कांग्रेस और भाजपा को अपना रुख स्पष्ट करने की दी चुनौती

कहा; कैप्टन और उनके ‘चहेते’ भतीजे ने पंजाब में नशे के कारोबार को सरपरस्ती दी

चंडीगढ़, 26 जुलाई

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि भाजपा नेता पवित्र गुटका साहिब की सौगंध उठाने के बावजूद नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने में असफल रहे।

मुख्यमंत्री ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की नशा तस्करों के मानवाधिकारों प्रति स्पष्ट चिंता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उन्होंने पंजाब के लोगों के लिए ऐसी चिंता क्यों नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि जब कैप्टन और उनके भतीजे के राज के दौरान आम लोगों के बेटे नशे के कारण दर्दनाक मौतें मर रहे थे, तब शाही ठाठ-बाट वाला महाराजा शानदार पार्टियों में व्यस्त रहा।

भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि ऐसे नेताओं ने अपनी लापरवाही और मिलीभगत के ज़रिये पीढ़ी दर पीढ़ी नरसंहार को संभव बनाकर पंजाब को तबाह कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने शासन को ‘उत्तर काटो मैं चढ़ां’ के खेल की तरह समझा, नशे के व्यापार को बचाते हुए और उसे प्रोत्साहित करते हुए सत्ता के लिए प्रतिस्पर्धा की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के हाथ पंजाब के नौजवानों के खून से रंगे हुए हैं, जो उनकी साज़िशों का शिकार हुए। भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “उन्होंने नशों को बेरोक-टोक बढ़ने-फूलने की इजाज़त देकर युवा पीढ़ी को बलि का बकरा बनाया।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब के लोगों ने अब इन नेताओं की दोहरी हकीकत देख ली है — हालांकि अफ़सोस की बात है कि भारी नुकसान के बाद लोगों को सच्चाई का पता लगा। उन्होंने कहा कि भाजपा संभवतः कैप्टन की हालिया टिप्पणियों को निजी राय मानकर खारिज करने और उनसे दूरी बनाने की कोशिश करेगी। भगवंत सिंह मान ने चेतावनी दी कि पंजाब के लोग कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके सहयोगियों को राज्य और इसके नागरिकों से किए विश्वासघात के लिए कभी माफ नहीं करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह त्रासदी है कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और चरनजीत सिंह चन्नी से लेकर रवनीत बिट्टू, प्रताप सिंह बाजवा और सुखपाल सिंह खैहरा तक कई नेता एक नशा तस्कर के खिलाफ पंजाब सरकार की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह वही व्यक्ति है, जिसने राज्य में चिट्टा लाया, अपनी सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल करके नशे सप्लाई किए और पंजाब की जवानी को बर्बाद करने में बड़ी भूमिका निभाई। भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि नशों का व्यापार अकाली शासन के दौरान बढ़ा-फूला, खास तौर पर जब बिक्रम सिंह मजीठिया शासन में थे। उन्होंने कहा कि यह कारोबार उस समय और फैला, जब अकाली नेता के चाचा जी कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री बने।

मुख्यमंत्री ने इन सभी नेताओं पर नशा तस्करों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि इन्होंने पंजाब को बर्बाद करने की कोशिशों में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राज्य के लोग इन्हें उनके पाखंड और विश्वासघात के लिए कभी माफ नहीं करेंगे। भगवंत सिंह मान ने कांग्रेस और भाजपा को नशे के मुद्दे पर अपना स्टैंड स्पष्ट करने की चुनौती दी, क्योंकि इन पार्टियों के नेता अब एक बदनाम नशा तस्कर का खुलकर समर्थन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि उनकी सरकार ने “युद्ध नशों विरुद्ध” मुहिम के तहत नशों के खिलाफ जंग शुरू की है और नशों के नेटवर्क की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी है। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले दिनों में राज्य को लूटने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार ने यह प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य की दौलत लूटने वाला चाहे कोई भी हो, उसे सलाखों के पीछे डाला जाएगा।

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