मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भविष्य की समस्या से निपटने के लिए अनाज के स्टॉक को बदलने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भविष्य की समस्या से निपटने के लिए अनाज के स्टॉक को बदलने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा

खाद्य और सिविल सप्लाई विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

 

राज्य के किसानों को भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आने देने की प्रतिबद्धता दोहराई

 

चंडीगढ़, 17 फरवरी

 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को आदेश दिए कि राज्य में अनाज के स्टॉक को बदलने की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए ताकि भविष्य में अनाज के भंडारण में कोई समस्या न आए और खरीद प्रक्रिया निर्विघ्न और सुचारू ढंग से संपन्न हो सके।

 

यहां अपनी सरकारी आवास पर खाद्य और सिविल सप्लाई विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सीजन के दौरान भंडारण की कमी के कारण मंडियों में खरीद और उठान पर बुरा प्रभाव पड़ा था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आने वाले महीनों में पंजाब में 60 लाख मीट्रिक टन अनाज स्टोर करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए अनाज पैदा करता है और राज्य सरकार का यह कर्तव्य बनता है कि खरीद सीजन के दौरान अनाज की बिक्री में किसानों को कोई समस्या न आए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि भंडारण के लिए उपयुक्त जगह रखी जाए ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से लगातार अनुरोध किए जा रहे हैं कि वे राज्य से गेहूं और चावल को बदलने में तेजी लाएं ताकि वर्तमान खरीफ सीजन के चावल और आगामी रबी सीजन 2025-26 के दौरान गेहूं के भंडारण के लिए उपयुक्त जगह उपलब्ध रहे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि खरीफ खरीद सीजन 2024-25 के दौरान राज्य में 171.86 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ, जिसमें से 116.30 लाख मीट्रिक टन चावल की डिलीवरी होनी है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 33.74 लाख मीट्रिक टन (29.02 प्रतिशत) चावल की डिलीवरी हुई है और 31 मार्च 2025 तक 82.53 लाख मीट्रिक टन चावल की और डिलीवरी होनी है। उन्होंने कहा कि एफसीआई ने 31 दिसंबर 2024 तक 40 लाख मीट्रिक टन और 31 मार्च 2025 तक 90 लाख मीट्रिक टन अनाज के भंडारण के लिए स्थान उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने 1635 स्पेशल ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया था लेकिन एफसीआई ने फरवरी महीने तक 197 स्पेशल ट्रेनें चलाने की ही योजना बनाई है और अब तक केवल 109 स्पेशल ट्रेनें ही उपलब्ध कराई गई हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार के साथ यह मुद्दा उठाया जाएगा ताकि देश के व्यापक हित में यह मामला जल्द से जल्द हल हो। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमृतसर, मोगा, पटियाला और तरन तारन जिलों में भंडारण की जगह की अधिक कमी है और जिला अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को वैकल्पिक व्यवस्थाएं/आपात योजनाएं बनाने के लिए कहा गया है। भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि आगामी खरीद सीजन में अनाज की निर्विघ्न और सुचारू खरीद और उठान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

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