मुख्यमंत्री द्वारा बरनाला जिले में 2.80 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित आठ सार्वजनिक पुस्तकालय समर्पित

मुख्यमंत्री द्वारा बरनाला जिले में 2.80 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित आठ सार्वजनिक पुस्तकालय समर्पित

 

पढ़ने की रुचि को बढ़ावा देने हेतु एक महत्वपूर्ण कदम

 

शहिणा (बरनाला), 19 जुलाई:

 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज बरनाला जिले में 2.80 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए आठ आधुनिक सार्वजनिक पुस्तकालयों को जनता को समर्पित किया। यह कदम विशेष रूप से युवाओं में पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करने की दिशा में उठाया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि भदौड़ और महल कलां विधानसभा क्षेत्रों में स्थित इन पुस्तकालयों का उद्घाटन आज किया गया। उन्होंने बताया कि शहिणा, धौला, तलवंडी, मझूके, कुत्बा, दीवाना, वजीदके कलां और ठुलीवाल गांवों में निर्मित इन आठ पुस्तकालयों पर कुल 2.80 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। प्रत्येक पुस्तकालय लगभग 35 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है।

 

भगवंत सिंह मान ने बताया कि ये पुस्तकालय आधुनिक बुनियादी ढांचे से युक्त हैं, जिनमें कंप्यूटर, इंटरनेट की सुविधा, उच्च गुणवत्ता वाला साहित्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुस्तकालयों ने विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने की एक नई आशा जगाई है। अब दूरदराज़ गांवों के छात्र भी अपने गांवों में रहकर पुस्तकें पढ़कर वैश्विक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि ये पुस्तकालय न केवल छात्रों के बौद्धिक स्तर को ऊंचा उठाएंगे, बल्कि उन्हें उनके लक्ष्य प्राप्त करने में भी सहायता करेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने यह भी आशा व्यक्त की कि ये ग्रामीण पुस्तकालय राज्य के विकास और समृद्धि को सुनिश्चित करने में सार्थक भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं में पढ़ने की रुचि विकसित करना है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और सामाजिक-आर्थिक विकास में भागीदार बनें।

 

भगवंत सिंह मान ने विश्वास जताया कि ये पुस्तकालय युवाओं के भविष्य को दिशा दिखाएंगे और उन्हें अधिकारी, वैज्ञानिक, डॉक्टर, टेक्नोक्रेट और अन्य उच्च पदों तक पहुँचने में सहायक सिद्ध होंगे, जिससे वे देश की सेवा कर सकें।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि इन पुस्तकालयों को वाई-फाई, सोलर पावर, डिजिटल-एनालॉग सुविधाओं और अन्य आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया गया है। इनमें समकालीन साहित्य, सिलेबस की पुस्तकें और विश्व साहित्य के चयनित ग्रंथ उपलब्ध हैं, जो एक समृद्ध अध्ययन अनुभव प्रदान करते हैं।

 

भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये पुस्तकालय ज्ञान और साहित्य का सच्चा खजाना हैं। यह गर्व और संतोष की बात है कि इनमें विभिन्न विषयों की बहुमूल्य पुस्तकें मौजूद हैं, जो पुस्तक प्रेमियों को आकर्षित करती हैं।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें दुर्लभ पुस्तकें भी संग्रहित की गई हैं, जो पाठकों के लिए अनमोल धरोहर हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये पुस्तकालय विद्यार्थियों के भविष्य को उज्जवल बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ये पुस्तकालय युवाओं को हर क्षेत्र में ऊँचाइयाँ छूने के काबिल बनाएंगे, ताकि विभिन्न क्षेत्रों में शीर्ष स्थानों तक पहुँचने के लिए पंजाब से हीरे पैदा हो सकें।

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