मुख्यमंत्री की ओर से मोहाली में शहर की निगरानी और यातायात प्रबंधन परियोजना के पहले चरण का शुभारंभ

मुख्यमंत्री की ओर से मोहाली में शहर की निगरानी और यातायात प्रबंधन परियोजना के पहले चरण का शुभारंभ

 

शहर को सुरक्षित और अपराध-मुक्त बनाने का संकल्प

 

कानून का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखने के लिए 21.60 करोड़ रुपए की लागत से उच्च-तकनीकी उपकरण लगाए गए

 

एस.ए.एस. नगर (मोहाली), 6 मार्च:

 

साहिबजादा अजीत नगर (मोहाली) को और अधिक सुरक्षित और अपराध-मुक्त शहर बनाने के उद्देश्य से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 21.60 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए सिटी सर्विलांस और ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना शहरी निगरानी और यातायात प्रबंधन को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि उन्नत एआई-आधारित निगरानी और यातायात निगरानी प्रणालियों से लैस इस अत्याधुनिक प्रणाली का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा को बेहतर बनाना, यातायात उल्लंघनों को रोकना और प्रभावी कानून प्रवर्तन सुनिश्चित करना है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि 21.60 करोड़ रुपए की कुल लागत से तैयार यह परियोजना सेक्टर-79, मोहाली में स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के साथ मिलकर मोहाली के 17 प्रमुख स्थानों पर लगे 351 हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों को आपस में जोड़ेगी और निगरानी सुनिश्चित करेगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यातायात प्रबंधन को सुचारू बनाने, सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाने और कानून प्रवर्तन के प्रयासों को और आगे बढ़ाने के लिए तैयार किए गए इस सिस्टम में 175 ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान (ए.एन.पी.आर) कैमरे, 50 रेड लाइट उल्लंघन डिटेक्शन (आर.एल.वी.डी) कैमरे, सामान्य निगरानी के लिए 92 बुलेट कैमरे, अधिक सतर्कता के लिए 18 पी.टी.जेड (पैन, टिल्ट और ज़ूम) कैमरे और 16 कैमरों से लैस दो प्रमुख स्थानों पर स्पीड उल्लंघन डिटेक्शन सिस्टम शामिल हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस पहल की मुख्य विशेषता यह है कि यह स्वचालित ई-चालान प्रणाली को लागू करेगा, जो आगे एन.आई.सी. के वाहन और सारथी डेटाबेस के साथ एकीकृत होगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के तहत रेड-लाइट जंपिंग, ओवरस्पीडिंग, ट्रिपल राइडिंग, गलत साइड ड्राइविंग, बिना हेलमेट सवारी और स्टॉप लाइन/ज़ेब्रा क्रॉसिंग जैसी उल्लंघनों के लिए ई-चालान स्वचालित रूप से जनरेट होगा। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम प्रति दिन औसतन 5,000 से 6,000 चालान करेगा, जिससे यातायात नियम लागू करने और नियमों का पालन करने में काफी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण के सफलतापूर्वक लागू होने के बाद अब पंजाब सरकार जिले भर में अन्य स्थानों को कवर करने वाले परियोजना के दूसरे चरण की योजना बना रही है ताकि शहर के निगरानी नेटवर्क में और वृद्धि की जा सके।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के तहत इस बात पर खास ध्यान दिया गया है कि प्रमुख रणनीतिक स्थानों को उन्नत सीसीटीवी निगरानी, प्रमुख यातायात जंक्शनों पर एडाप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (ए.टी.सी.एस) और वाहन संचालित नियंत्रण (वी.ए.सी) के साथ ए.आई-चालित प्रणाली से लैस किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा स्मार्ट ट्रैफिक लाइट्स शुरू की जाएंगी, जो वाहनों की आवाजाही और भीड़ को कम करने के लिए वास्तविक समय के ट्रैफिक प्रवाह के अनुकूल होंगी। उन्होंने कहा कि एकीकृत ट्रैफिक कॉरिडोर भी बनाए जाएंगे, जिससे मोहाली, खरड़, ज़ीरकपुर और डेरा बस्सी में सुचारू आवाजाही सुनिश्चित की जा सकेगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आई.सी.सी.सी. परियोजना शहरी सुरक्षा और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन में एक बड़ा मील का पत्थर है। मोहाली के वाणिज्यिक, आई.टी. और आवासीय केंद्र के रूप में तेजी से विस्तार को ध्यान में रखते हुए यह प्रयास कानून व्यवस्था बनाए रखने, निर्बाध यातायात प्रवाह सुनिश्चित करने और सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार सुरक्षित और स्मार्ट शहरों के निर्माण के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि शहरी प्रशासन और सुरक्षा में नए मानक स्थापित किए जा सकें।

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