मान सरकार बाल संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध; बाल भिक्षावृत्ति के खात्मे के लिए सख्त कार्रवाई, बैगरी एक्ट में होगा संशोधन: डॉ. बलजीत कौर

 

मान सरकार बाल संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध; बाल भिक्षावृत्ति के खात्मे के लिए सख्त कार्रवाई, बैगरी एक्ट में होगा संशोधन: डॉ. बलजीत कौर

 

ट्रैफिक लाइटों पर चौकों पर भीख मंगवाने वाले रेकेटों खिलाफ बढ़ेगी करवाई, विशेष टीमें होंगी तैनात

 

प्रोजेक्ट जीवनजोत और स्माइल द्वारा बच्चों का रेस्क्यू एवं पुनर्वास, डी एन ए टेस्ट से होगी बाल तस्करी पर नजर

 

चंडीगढ़, 21 जून:

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बाल संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और बच्चों को भिक्षावृत्ति की सामाजिक बुराई से बचाने के लिए संवेदनशील और सख्त रवैया अपना रही है। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने घोषणा की है कि पंजाब बैगरी एक्ट (1971) में संशोधन किए जाएंगे। इन संशोधनों के माध्यम से ट्रैफिक लाइटों और चौराहों पर बच्चों से भीख मंगवाने वाले गिरोहों, माता-पिता या अभिभावकों के खिलाफ सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा।

 

 

इस संबंधी ओर जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार ने राज्य के विभिन्न शहरों और कस्बों में ट्रैफिक लाइटों और चौराहों पर बच्चों से भीख मंगवाने वाले आपराधिक गिरोहों का पता लगाने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष टीमें बनाने का फैसला किया है। ये टीमें बच्चों को बचाकर उनके पुनर्वास के लिए सरकारी योजनाओं के तहत उचित इलाज, शिक्षा और आवास उपलब्ध कराएंगी।

 

 

कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिए कि यदि कोई भी व्यक्ति, माता-पिता या अभिभावक बच्चों से भीख मंगवाते हुए पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ जे.जे. एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे व्यक्ति सजा के पात्र होंगे।

 

 

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि जुलाई 2024 से राज्य के सभी जिलों में जे.जे. एक्ट के तहत ‘प्रोजेक्ट जीवनजोत’ चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 286 बच्चे बचाए गए हैं। इन बच्चों को हर तरह की सुरक्षा और देखभाल संबंधी सेवाएं प्रदान की जाती हैं।

 

 

डॉ. बलजीत कौर ने यह भी जानकारी दी कि इस साल पंजाब राज्य के 5 बड़े शहरों – अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, एस.ए.एस. नगर (मोहाली) और बठिंडा में एक पायलट प्रोजेक्ट (‘प्रोजेक्ट स्माइल’) की शुरुआत की जाएगी। इसके माध्यम से सड़कों और बाजारों में भीख मांगते बच्चों की पहचान कर उनके डी.एन.ए. टेस्ट करवाए जाएंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे बच्चे किस परिवार से संबंधित हैं और बाल तस्करी या मानव व्यापार के मामलों को रोका जा सके।

 

 

सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री ने सभी उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों को भिक्षावृत्ति मुक्त घोषित करवाने और इस मामले में लगातार निगरानी करने के भी आदेश जारी किए हैं।

 

 

अंत में, डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता है कि “हर बच्चे का भविष्य सुरक्षित हो और बाल भिक्षावृत्ति मुक्त पंजाब बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य है।” उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने और बच्चों का सुनहरा भविष्य बनाने में सरकार का अधिक से अधिक

सहयोग करने के लिए आगे आएं।

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