माता चिंतपूर्णी मेला बना पर्यावरण संरक्षण की मिसाल

माता चिंतपूर्णी मेला बना पर्यावरण संरक्षण की मिसाल

 

 

– प्लास्टिक मुक्त लंगर, अस्थायी व पिंक शौचालय, रेड क्रॉस कैंप, एम्बुलेंस सेवा और ट्रैफिक कंट्रोल में सिविल डिफेंस निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका

 

होशियारपुर, 27 जुलाई:

ज़िला प्रशासन और रेड क्रॉस सोसायटी होशियारपुर की ओर से “चढ़दा सूरज” अभियान के अंतर्गत माता चिंतपूर्णी मेले को स्वच्छ, सुरक्षित, स्वास्थ्य-सम्वेदनशील और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में कई प्रभावशाली कदम उठाए गए हैं।

 

इस वर्ष मेले में लगने वाले सभी लंगरों को 100 प्रतिशत प्लास्टिक मुक्त बनाने का प्रयास किया गया है। किसी भी लंगर में प्लास्टिक की थाली, ग्लास, चम्मच या बोतल का प्रयोग नहीं हो रहा। इसके स्थान पर स्टील के बर्तन और पारंपरिक डोने इस्तेमाल किए जा रहे हैं। लंगर आयोजकों को पहले ही स्पष्ट निर्देश दे दिए गए थे कि वे सिंगल यूज़ प्लास्टिक से परहेज करें।

 

लंगरों की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एन.जी.ओज़ के वालंटियर्स लगातार तैनात हैं। वे बर्तनों की सफाई, कचरे का प्रबंधन और श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।

 

सिविल डिफेंस के वालंटियर्स ट्रैफिक नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और आपात स्थितियों से निपटने में पुलिस और प्रशासन का अहम सहयोग कर रहे हैं। उनका यह योगदान मेले को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने में अत्यंत सहायक सिद्ध हो रहा है।

 

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेले में अस्थायी शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इसके अलावा महिलाओं के लिए विशेष “पिंक टॉयलेट्स” भी स्थापित किए गए हैं, जिनमें स्वच्छता और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है।

 

रेड क्रॉस सोसायटी की ओर से मेले में स्वास्थ्य सहायता के लिए विशेष सेवा कैंप लगाए गए हैं, जिनमें महिलाओं के लिए सेनेटरी पैड्स, प्राथमिक चिकित्सा के लिए दवाइयां और ज़रूरतमंदों को निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया जा रहा है। साथ ही, आपातकालीन स्थिति में तत्काल सेवा हेतु एम्बुलेंस भी तैनात की गई है।

 

डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने माता चिंतपूर्णी मेले को पर्यावरण-अनुकूल और सुरक्षित रूप में आयोजित करने के लिए सभी संबंधित विभागों, स्वयंसेवी संगठनों, लंगर कमेटीयों और विशेष रूप से सिविल डिफेंस तथा रेड क्रॉस वालंटियर्स का आभार प्रकट किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्लास्टिक का उपयोग न करें, स्वच्छता बनाए रखें और वालंटियर्स का सहयोग करें।

उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक आयोजनों में यदि समाज पर्यावरण और स्वच्छता के लिए एकजुट हो, तो यह संदेश सिर्फ पंजाब ही नहीं, पूरे देश में फैल सकता है।

“चढ़दा सूरज” अभियान, अब केवल प्लास्टिक प्रतिबंध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक चेतना, सामूहिक सहयोग और प्रशासनिक भागीदारी का सशक्त प्रतीक बन गया है।

Related posts

सारागढ़ी के शहीदों को गुरमीत सिंह खुड्डियां ने किया नमन, बोले- बलिदान सिखाता है साहस और देशभक्ति

मिशन क्लीन पंजाब के दूसरे चरण में पटियाला में सफाई अभियान, AAP स्वयंसेवकों ने दिया ‘स्वच्छता अपनाओ, बीमारी भगाओ’ का संदेश

नशे के खिलाफ पंजाब में बड़ा अभियान, अमन अरोड़ा बोले- गांवों और वार्डों में होंगी 15 हजार जनसभाएं

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More