पंजाब सरकार की भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के विरुद्ध चल रही मुहिम के तहत 11 छापों के दौरान 3 बच्चों को रेस्क्यू किया गया: डॉ. बलजीत कौर

पंजाब सरकार की भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के विरुद्ध चल रही मुहिम के तहत 11 छापों के दौरान 3 बच्चों को रेस्क्यू किया गया: डॉ. बलजीत कौर

11 दिनों में 190 विशेष छापों के माध्यम से कुल 195 बच्चों को बचाया गया – डॉ. बलजीत कौर

जो भी बच्चों के शोषण में संलिप्त पाया गया, उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी

बच्चे और उनके साथ मौजूद वयस्क के संबंध पर संदेह होने पर डीएनए जांच की भी व्यवस्था: डॉ. बलजीत कौर

चंडीगढ़, 27 जुलाई:

सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने जानकारी दी कि पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही “जीवनजोत मुहिम–2” के अंतर्गत प्रदेश भर में चलाए गए 11 विशेष छापों के दौरान 3 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त करवाया गया। इस प्रकार, मुहिम की शुरुआत से केवल 11 दिनों में कुल 190 विशेष छापों के माध्यम से 195 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है।

उन्होंने बताया कि ये विशेष छापे बरनाला, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, पठानकोट, पटियाला, संगरूर, श्री मुक्तसर साहिब और तरनतारन जिलों में क्षेत्रीय बाल सुरक्षा टीमों द्वारा चलाए गए।

छापों के दौरान जिला होशियारपुर से 2 और संगरूर से 1 बच्चे को रेस्क्यू किया गया। संगरूर के बच्चे को माता-पिता की काउंसलिंग के उपरांत उन्हें सौंप दिया गया, जबकि होशियारपुर के दोनों बच्चों की दस्तावेजी जांच अभी जारी है और उन्हें बाल गृह में रखा गया है।

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इन 11 दिनों में कुल 102 बच्चों को बाल गृहों में भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे और उसके साथ पाए गए व्यक्ति के रिश्ते पर संदेह होता है, तो बाल कल्याण समिति, उपायुक्त की अनुमति से डीएनए परीक्षण करवा सकती है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मंत्री ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि यदि कोई माता-पिता अपने बच्चों को भिक्षा मांगने के लिए मजबूर करते हैं, तो उन्हें अयोग्य अभिभावक घोषित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यदि कोई व्यक्ति बच्चों की तस्करी या शोषण में लिप्त पाया गया, तो उसके विरुद्ध भी कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है। “जीवनजोत” परियोजना के माध्यम से बच्चों को सड़कों से बचाकर उन्हें बेहतर शिक्षा, भोजन, आवास और सम्मानजनक जीवन देने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि बच्चों को भिक्षा न दें और यदि कहीं भी कोई बच्चा भीख मांगता दिखाई दे, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचित करें, ताकि बच्चों का जीवन संवारा जा सके।

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