नांदेड़ हत्या मामला: पंजाब पुलिस ने बी.के.आई. आतंकी मॉड्यूल के तीन और सदस्य गिरफ्तार; हथियार और गोलियां बरामद

नांदेड़ हत्या मामला: पंजाब पुलिस ने बी.के.आई. आतंकी मॉड्यूल के तीन और सदस्य गिरफ्तार; हथियार और गोलियां बरामद

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब पुलिस पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध

 

इन गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में अब तक कुल छह आरोपी गिरफ्तार

 

गिरफ्तार आरोपी जगजीत उर्फ जग्गी ने नांदेड़ हत्या मामले में शामिल शूटरों को लॉजिस्टिक सहायता, सुरक्षित ठिकाने और समन्वय प्रदान कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई: डीजीपी गौरव यादव

 

बरामद हथियार पंजाब और अन्य क्षेत्रों में गैर-कानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए थे: एआईजी एसएसओसी डॉ. सिमरत कौर

 

चंडीगढ़, 15 मार्च:

 

नांदेड़ हत्या मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए, पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी), एसएएस नगर ने पाकिस्तान स्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के तीन और साथियों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में आज यहां जानकारी देते हुए पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया।

 

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान जगजीत सिंह उर्फ जग्गी और शुभम खेलबुडे (दोनों निवासी नांदेड़, महाराष्ट्र) तथा गुरदीप सिंह उर्फ दीपा (निवासी रायपुर, रोपड़) के रूप में हुई है। पुलिस टीमों ने आरोपियों के कब्जे से दो हथियार भी बरामद किए हैं, जिनमें 15 कारतूसों समेत 12 बोर पंप-एक्शन बंदूक और 8 कारतूसों समेत .32 बोर पिस्तौल शामिल हैं।

 

यह सफलता इस मामले में पहले गिरफ्तार जगदीश सिंह उर्फ जग्गा, शुभदीप सिंह उर्फ शुभ और सचिनदीप सिंह उर्फ सचिन के बाद हासिल हुई है। इन नई गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में अब तक कुल छह आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

 

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी जगजीत उर्फ जग्गी ने नांदेड़ हत्याकांड ,जिसकी साजिश पाकिस्तान स्थित आतंकी हरविंदर उर्फ रिंदा द्वारा रची गई थी, में शामिल शूटरों को लॉजिस्टिक सहायता, सुरक्षित ठिकाने और समन्वय प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस जांच में जेल में बंद गैंगस्टर दिलप्रीत उर्फ बाबा, जो रिंदा का पुराना सहयोगी है, की भूमिका का भी खुलासा हुआ है। बाबा ने पंजाब में आरोपियों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराए थे।

 

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जगजीत उर्फ जग्गी हत्या, हत्या के प्रयास, धमकी देने और जबरन वसूली से जुड़े मामलों में वांछित था, जबकि शुभम महाराष्ट्र में धमकी और जबरन वसूली से जुड़े मामलों में वांछित था, और गिरफ्तारी से बचने के लिए पंजाब भाग आया था। आरोपी जग्गी और शुभम पाकिस्तान स्थित आतंकी हरविंदर उर्फ रिंदा के निर्देशों पर नांदेड़ में अपने अन्य साथियों के लिए हथियारों की खरीद, जबरन वसूली, लॉजिस्टिक सहायता और सुरक्षित ठिकानों का प्रबंध कर रहे थे।

 

डीजीपी ने बताया कि गुरदीप उर्फ दीपा को भगोड़े अपराधियों जग्गी और शुभम को सुरक्षित ठिकाना और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि गुरदीप दीपा ने आरोपियों को भागने में मदद करने और उनकी गतिविधियों को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

एआईजी एसएसओसी, एसएएस नगर, डॉ. सिमरत कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद एसएसओसी एसएएस नगर की टीम ने ऑपरेशन चलाया और शुभम खेलबुडे को गुरदीप उर्फ दीपा के साथ आनंदपुर साहिब से गिरफ्तार कर लिया। शुभम वहां गुरदीप दीपा की रेती क्रशर यूनिट में छिपा हुआ था। आरोपियों से मिले सुरागों के आधार पर, पुलिस ने उसी रात तरनतारन जिले से तीसरे आरोपी जगजीत उर्फ जग्गी को भी गिरफ्तार कर लिया।

 

उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान शुभम से .32 बोर पिस्तौल और गुरदीप से पंप-एक्शन गन बरामद की गई, जिसे पंजाब और अन्य इलाकों में गैर-कानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जाना था।

 

एआईजी ने कहा कि इस मामले की आगे जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

 

इस संबंध में थाना एसएसओसी, एसएएस नगर में आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)बी और भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धारा 249 व 61(2) के तहत एफआईआर नंबर 1, दिनांक 21.02.2025 पहले ही दर्ज की जा चुकी है।

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