नशे के खिलाफ मुहिम में बीडीसी सदस्यों को शामिल किया जाए – जसप्रीत सिंह पीसीएस
ओएटी क्लीनिकों एवं नशा मुक्ति केन्द्रों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों से समन्वय बनाए रखा जाए – सचिन पाठक पीसीएस
पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए नशा मुक्त अभियान में अधिकारी जिम्मेदारी से काम करें – अजय सिंह डीएसपी
नशा तस्करों पर लगाम लगाने के लिए हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है – कुलवीर सिंह डीएसपी
नंगल 14 जुलाई
पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध अभियान के तहत राज्य भर में नशा तस्करों पर लगाम लगाकर नशे को जड़ से खत्म करने की मुहिम शुरू की है। नशा तस्करों द्वारा जमा की गई काली कमाई से बनी हवेलियों को ढहाया जा रहा है। इस मुहिम को और आगे बढ़ाने के लिए सभी को एकजुट होकर इस मुहिम को कामयाब बनाना होगा।
यह बात श्री आनंदपुर साहिब के पीसीएस सब-डिवीज़नल मजिस्ट्रेट जसप्रीत सिंह ने आज नगर कौंसिल नंगल में नशे के विरुद्ध युद्ध अभियान को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए अधिकारियों की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि इस अभियान में ग्राम रक्षा समितियों को और प्रभावी ढंग से काम करने की ज़रूरत है, क्योंकि ऐसे अभियान आम लोगों के सहयोग से ही सफल हो सकते हैं। जब गाँवों और शहरों के पंच, सरपंच, सामाजिक और धार्मिक संगठन एकजुट होकर सरकार के इस अभियान में अहम भूमिका निभाएँगे, तो नशे को जड़ से ख़त्म किया जा सकेगा।
नंगल के उप-मंडल मजिस्ट्रेट, पीसीएस, श्री सचिन पाठक ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों और ओएटी क्लीनिकों में नशा छोड़ने के लिए आने वाले मरीजों की निरंतर काउंसलिंग की जानी चाहिए। इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नशा छोड़ने वाला व्यक्ति दोबारा इस बुराई से दूर रहे, इसके लिए उसके साथ समन्वय बनाए रखा जाना चाहिए।
अजय सिंह डीएसपी श्री आनंदपुर साहिब ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए नशा मुक्त अभियान में अधिकारी जिम्मेदारी से काम करें और पुलिस का सहयोग करें ताकि इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। कुलवीर सिंह डीएसपी नंगल ने कहा कि नशा तस्करों पर काबू पाने के लिए हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है ताकि इन तस्करों को समाज से खत्म किया जा सके।
इस अवसर पर डॉ. संजीव गौतम, चेयरमैन गुरु रविदास आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी और जिला अध्यक्ष रूपनगर , दीपू बास, समन्वयक युद्ध नशे के खिलाफ , समिंदरपाल सिंह, नरिंदरजीत सिंह, हरमिंदर कुमार, हरदीप सिंह, विनय कुमार, डॉ. कंवरप्रीत सिंह, मदन लाल सेनेटरी इंस्पेक्टर, गुरसेवक राणा, राकेश कुमार और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।