दुनिया भर की नामी कंपनियां पंजाब में निवेश के लिए कतारबद्ध: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री कार्यालय, पंजाबदु

निया भर की नामी कंपनियां पंजाब में निवेश के लिए कतारबद्ध: मुख्यमंत्री

बेंगलुरु में प्रमुख उद्योगपतियों से की बातचीत

 

पंजाब को निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया

 

राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे उद्योग-अनुकूल प्रयासों पर डाली रोशनी

 

बेंगलुरु/चंडीगढ़, 15 अक्तूबर:

 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां प्रमुख उद्योगपतियों के साथ बैठकें करते हुए राज्य को दुनिया के सबसे बेहतरीन निवेश स्थलों में से एक बताया।

 

उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब को अपार संभावनाओं की भूमि बताते हुए नामी कंपनियों को राज्य में निवेश करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि देश के तेजी से उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में पंजाब में निवेश करके उद्यमियों को बड़े स्तर पर लाभ होगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में आपसी भाईचारे, शांति और सद्भावना का माहौल है, जो राज्य के सर्वांगीण विकास और खुशहाली की मजबूत नींव है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आर्थिक विकास का इंजन है और पंजाब सरकार इसे भलीभांति समझते हुए आवासीय, व्यावसायिक और कृषि—सभी क्षेत्रों को निर्बाध बिजली उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कंपनियों के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने कारोबार के विस्तार के लिए राज्य के मजबूत बुनियादी ढांचे, निर्बाध बिजली, कुशल मानव संसाधन और अनुकूल औद्योगिक वातावरण का अधिकतम लाभ उठाएं। उद्योगपतियों का स्वागत करते हुए स भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देने के लिए नए विचारों और अनुसंधान को अपनाने और सुनने के लिए सदैव तत्पर है।

 

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को “प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन” के छठे संस्करण के लिए आमंत्रित किया और बताया कि यह सम्मेलन 13, 14 और 15 मार्च 2026 को मोहाली (पंजाब) में आयोजित होगा। इस दौरान उद्योगपति, नीति-निर्माता और शोधकर्ता पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अपने विचार साझा करेंगे। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत की विशेषज्ञता और दूरदर्शिता पंजाब के भविष्य को आकार देने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सम्मेलन पंजाब की क्षमता को प्रदर्शित करने, सहयोग के अवसरों को तलाशने और नेटवर्किंग के लिए आदर्श मंच प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एकजुट होकर हम पंजाब में टिकाऊ और वैश्विक प्रतिस्पर्धा वाला औद्योगिक वातावरण तैयार कर सकते हैं, जिसके लिए आपसी साझेदारी, विश्वास और प्रतिबद्धता अत्यंत आवश्यक हैं।

 

आज यहां उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की धरती को उसकी मेहनतकश और उद्यमी भावना तथा अमीर विरासत के लिए सदैव जाना जाता रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब को भारत के “अन्न भंडार” होने का गौरव प्राप्त है, जो देश के खाद्य उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान देता है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव और प्रगति देखने को मिली है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब एक औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर चुका है, जो फूड प्रोसेसिंग, वस्त्र, ऑटो पार्ट्स, हैंड टूल्स, साइकिल, आईटी, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में अग्रणी बनकर सामने आया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की औद्योगिक प्रगति ने वास्तव में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है, क्योंकि दुनिया भर के निवेशकों ने पंजाब की क्षमता को पहचाना है। उन्होंने बताया कि मार्च 2022 से अब तक पंजाब को 1.23 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 4.7 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इस उपलब्धि ने पंजाब को औद्योगिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित किया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब आज नेस्ले, क्लास, फ्रायडनबर्ग, कारगिल, वरबियो, डैनोन जैसी कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों का घर बन चुका है, जो यहां अपने संचालन के माध्यम से राज्य की आर्थिक प्रगति में बड़ा योगदान दे रही हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने व्यवसाय के लिए पंजाब की अपार क्षमता और राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए गए अनुकूल माहौल पर अपनी मुहर लगाई है। उन्होंने बताया कि जापान, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, यूएई, स्विट्ज़रलैंड, फ्रांस, स्पेन और अन्य देशों के निवेश पंजाब की वैश्विक पहुंच को दर्शाते हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह तो केवल शुरुआत है, क्योंकि पंजाब अब न केवल भारतीय बल्कि विदेशी निवेशकों के लिए भी पसंदीदा गंतव्य बन गया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पद संभालने के बाद से ही उन्होंने एक निवेश-अनुकूल माहौल तैयार किया है, जो व्यापार में सुगमता को प्रोत्साहित करता है। राज्य सरकार की उद्योग-पक्षीय नीतियों के कारण आज पंजाब कारोबार की सहजता के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने “फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल” की शुरुआत की है, जो भारत का सबसे उन्नत सिंगल-विंडो सिस्टम है। यह पोर्टल एकल प्रवेश और निकास के साथ 150 से अधिक सरकारी-से-व्यवसाय (जी2बी) सेवाएं प्रदान करता है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने ऑफलाइन आवेदन की अनिवार्यता समाप्त कर दी है और “पंजाब राइट टू बिज़नेस एक्ट” के तहत 125 करोड़ रुपए तक के योग्य प्रोजेक्ट्स को सिर्फ पाँच दिनों में सैद्धांतिक मंजूरी दी जाती है।

 

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब बड़े नियामक सुधार करने वाला पहला राज्य है, जिसमें 45 दिनों के भीतर समयबद्ध मंजूरी, डीम्ड अप्रूवल, एस्केलेशन तंत्र और प्रमुख लाइसेंसों की वैधता अवधि में वृद्धि शामिल है। उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप अलर्ट, एआई चैटबॉट और कॉल सेंटर के माध्यम से निवेशक सहायता रियल टाइम जवाबदेही सुनिश्चित करती है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल सीआरओ रिपोर्ट, फायर एनओसी की बढ़ी हुई वैधता और लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में परिवर्तन जैसी व्यवस्थाएं प्रक्रियाओं को और सरल बना रही हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और उद्योग के बीच साझेदारी ही सफलता की कुंजी है और राज्य सरकार का दृढ़ विश्वास है कि औद्योगिक विकास तभी संभव है जब दोनों समान भागीदार के रूप में कार्य करें। उन्होंने बताया कि यही सिद्धांत वर्ष 2022 में प्रस्तुत की गई नई औद्योगिक नीति का मार्गदर्शन करता है। यह नीति उद्योग जगत के विशेषज्ञों और साझेदारों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है ताकि उनकी आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब राज्य सरकार ने उद्योग क्षेत्र के दिग्गजों की अध्यक्षता में 24 सेक्ट्रल कमेटियां गठित की हैं जो विशेष क्षेत्रों के अनुसार नीतियाँ तैयार करेंगी।

 

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार उद्योगों और व्यवसायों के साथ समानता, पारदर्शिता और आपसी सहयोग पर आधारित साझेदारी स्थापित करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार उद्यमियों की कारोबारी यात्रा को सुचारू और सुविधाजनक बनाने के लिए वचनबद्ध है। भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि उद्योग जगत राज्य सरकार को अधिक से अधिक सहयोग देगा जिससे पंजाब में औद्योगिकीकरण की गति और तेज़ होगी।

 

मुख्यमंत्री ने “इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आई ई एस ए )” और “सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एस आई डी एम )” के सदस्यों को पंजाब के उभरते औद्योगिक परिदृश्य तथा इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस और रक्षा निर्माण क्षेत्रों में अवसरों पर चर्चा के लिए सी एक्स ओ मंच में भाग लेने का निमंत्रण दिया। उन्होंने मोहाली के मजबूत अकादमिक और शोध वातावरण का उपयोग करते हुए पंजाब में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के निर्माण हेतु सहयोगी प्रयासों पर जोर दिया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अपनी कुशल मानवशक्ति और अनुकूल बुनियादी ढांचे के बल पर पंजाब पैसिव कंपोनेंट्स और डिज़ाइन-इंजीनियरिंग क्षमताओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा निर्माण मूल्य श्रृंखला में पंजाब की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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