कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने बीएसएफ जवानों से की मुलाकात, पहलगाम हमले के बाद हर प्रकार की मदद का भरोसा

कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने बीएसएफ जवानों से की मुलाकात, पहलगाम हमले के बाद

हर प्रकार की मदद का भरोसा

 

राज्य सरकार हमारे बहादुर जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है: लाल चंद कटारूचक

 

चंडीगढ़/पठानकोट, 26 अप्रैल

 

सैनिक पहरेदार बनकर देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं तो जनता चैन की नींद सोती है, और इन सीमाओं के रक्षकों के कारण ही आज हम आजाद फिजा में सुख की सांस ले रहे हैं। आज मुझे जिला पठानकोट से लगती हिंद-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का दौरा करने का मौका मिला और मैं इनसे विशेष तौर पर मिलने पहुंचा हूं। हम भरोसा देते हैं कि सीमाओं पर बैठे हमारे बीएसएफ के जवानों और अन्य सैनिकों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। पंजाब सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह से इन सीमाओं के रक्षकों के साथ है।

 

यह बात श्री लाल चंद कटारूचक कैबिनेट मंत्री पंजाब ने आज हिंद-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सिंबल स्कोल पोस्ट का विशेष दौरा करने के बाद कही। इस मौके पर अन्य के अलावा सर्वश्री आदित्य उप्पल डिप्टी कमिश्नर पठानकोट, दलजिंदर सिंह ढिल्लों एसएसपी पठानकोट, नरेश कुमार सैनी जिला प्रधान बी.सी. विंग, राजेश कुमार ब्लॉक प्रधान, जोगिंदर पाल सरपंच खोजकी चक, मुनीस उर्फ छोटू सरपंच बमियाल, सुरेश सिंह कमांडेंट बीएसएफ और बीएसएफ कंपनी के आला अधिकारी भी मौजूद थे।

 

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पिछले दिनों हुई आतंकवादी घटना के बाद आज कैबिनेट मंत्री पंजाब श्री लाल चंद कटारूचक, डिप्टी कमिश्नर पठानकोट और एसएसपी पठानकोट हिंद-पाक सीमा पर सुरक्षा का जायजा लेने और बीएसएफ के जवानों से मिलने पहुंचे। सबसे पहले कैबिनेट मंत्री पंजाब, डिप्टी कमिश्नर, एसएसपी और अन्य बीएसएफ अधिकारियों ने शहीद कमलजीत सिंह के स्मारक पर पहुंचकर फूल माला चढ़ाकर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

इस मौके पर संबोधित करते हुए श्री लाल चंद कटारूचक कैबिनेट मंत्री पंजाब ने कहा कि आज मुझे अपने जिला पठानकोट की हिंद-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहुंचने का मौका मिला है। उन्होंने बताया कि जिला पठानकोट में हिंद-पाक सीमा पर 11 पोस्ट बीएसएफ की लगती हैं और सबसे बड़ी पोस्ट सिंबल स्कोल के नाम से जानी जाती है और इस पोस्ट से 200 मीटर की दूरी पर पाकिस्तान की सीमा शुरू होती है।

 

उन्होंने बताया कि इस चौकी का महत्व है कि 1971 के युद्ध के दौरान जब पाकिस्तानी सैनिकों ने हमारे जवानों को घेर लिया। उस युद्ध के दौरान काफी सैनिकों ने शहादत दी। उस समय कमलजीत सिंह ने इस चौकी को नहीं छोड़ा और डटकर मुकाबला किया। बाद में कमलजीत सिंह ने भी शहादत का जाम पिया। इसलिए सिंबल स्कोल पोस्ट का बहुत महत्व है।

 

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों पाकिस्तान द्वारा एक निंदनीय हरकत की गई। जम्मू कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों पर गोलियां चलाईं। इससे पूरा देश बहुत गुस्से में है और भारत इस समय दुश्मन को जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि सिविल प्रशासन और सीमाओं पर बैठे इन सैनिकों में बहुत अच्छा तालमेल है।

 

आज इन पोस्टों पर जवानों को आने वाली परेशानियां भी सुनी गईं और जल्द ही इन्हें दूर किया जाएगा और बीएसएफ की जो भी मांगें हैं उन्हें जल्द ही पूरा किया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान द्वारा बहुत बड़ा फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि हिंद-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ के साथ हमारी पंजाब पुलिस भी कंधे से कंधा मिलाकर किसी भी स्थिति का जवाब देने के लिए खड़ी रहती है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पांच हजार होम गार्ड में नौजवान भर्ती किए जा रहे हैं जो सीमा पर नशों के खिलाफ अपनी पैनी नजर रखेंगे। इसका ऐलान माननीय मुख्यमंत्री पंजाब पहले ही कर चुके हैं।

 

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री पंजाब और अन्य प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों को दोशाला भेंट करके सम्मानित भी किया गया।

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