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अमर जवान ज्योति से ‘यमुना प्रवाह’ यात्रा का शुभारंभ, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिखाई हरी झंडी; सरदार पटेल और संविधान दिवस को दी श्रद्धांजलि।
राजस्थान में सरदार पटेल की स्मृति में आयोजित यूनिटी मार्च (Unity March Program) का उत्साहपूर्ण शुभारंभ अमर जवान ज्योति से किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) ने इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा में शामिल बसों को विधिवत फ्लैग-ऑफ किया गया।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख नेता
इस अवसर पर बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे, जिनमें प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, अशोक परनामी, संयोजक एवं विधायक जितेंद्र गोठवाल, कालीचरण सराफ, सांसद मंजू शर्मा, विधायक बाल मुकुंदाचार्य, गोपाल शर्मा, युवा मोर्चा अध्यक्ष अंकित चेची, और शहर बीजेपी अध्यक्ष अमित गोयल समेत अन्य नेता मौजूद थे।
सरदार पटेल को दी सच्ची श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल का स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान रहा, लेकिन दशकों तक उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऐसे महापुरुषों को याद करने और सम्मान देने का सिलसिला अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरदार पटेल के एकता और अखंडता के संदेश को घर-घर पहुंचाने का माध्यम बनेगी।
बारडोली सत्याग्रह में मिली ‘सरदार’ की उपाधि
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि गुजरात के बारडोली सत्याग्रह में सरदार पटेल ने किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, जिसके फलस्वरूप उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि मिली। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने न केवल किसानों को अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाया, बल्कि देश में राष्ट्रीय एकता की अलख भी जगाई।
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पटेल का सपना पूरा किया पीएम मोदी ने
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली, लेकिन देश 562 रियासतों में बंटा हुआ था। हैदराबाद और जूनागढ़ जैसी रियासतें पाकिस्तान में विलय चाहती थीं। सरदार पटेल ने अपनी दूरदर्शिता और कूटनीति से सभी रियासतों को भारत में शामिल किया। केवल एक रियासत का दंभ दशकों तक बना रहा, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाकर हमेशा के लिए समाप्त किया, और सरदार पटेल का सपना साकार किया।
युवाओं को प्रेरक संदेश
सीएम भजनलाल शर्मा ने युवाओं से कहा कि सरदार पटेल के जीवन से पांच प्रमुख सीख ली जा सकती हैं: कर्तव्यनिष्ठा, दृढ़ संकल्प, राष्ट्रीय एकता, ईमानदारी और सादगी। उन्होंने कहा कि इन मूल्यों को अपनाकर ही हम विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं।
संविधान दिवस पर बाबासाहेब अंबेडकर को नमन
मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि इसी दिन संविधान दिवस भी मनाया जाता है। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर ने विश्व के सबसे बेहतरीन संविधान की रचना की। उन्होंने कहा कि हमें दोनों महापुरुषों—सरदार पटेल और बाबासाहेब अंबेडकर—के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए।