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हमारे शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए विटामिन्स और मिनरल्स की आवश्यकता होती है। इनमें से विटामिन B12 एक अहम पोषक तत्व है, जिसकी कमी से न केवल थकान और चिड़चिड़ापन हो सकता है, बल्कि यह गंभीर बीमारियों जैसे Autoimmune Thyroid Disease (AITD) का कारण भी बन सकती है। हाल ही में प्रकाशित एक रिसर्च में इस कनेक्शन को स्पष्ट किया गया है।
विटामिन B12 और Autoimmune Thyroid Diseases का कनेक्शन
Endocrine, Metabolic & Immune Disorders Drug Targets नामक जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, AITD सबसे आम ऑटोइम्यून डिसऑर्डर हैं। विटामिन B12 इम्यून सिस्टम को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 306 मरीजों पर किए गए इस अध्ययन में दो समूह बनाए गए — एक में B12 की कमी थी और दूसरे में नहीं। जिन मरीजों में AITD था, उनमें विटामिन B12 का स्तर कम पाया गया, वहीं B12 की कमी वाले लोगों में एंटी-TPO नामक एंटीबॉडी का स्तर अधिक था। इससे यह स्पष्ट होता है कि विटामिन B12 का स्तर Autoimmune Thyroid Diseases से जुड़ा हुआ है।
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विटामिन B12 क्यों है जरूरी?
विटामिन B12 शरीर में भोजन को ऊर्जा में बदलने, लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) और DNA निर्माण में सहायता करता है। इसकी कमी से थकान, कमजोरी के साथ-साथ थायराइड और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, विटामिन B12 मेथिलेशन प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण होता है, जो शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन, हार्ट हेल्थ, नर्वस सिस्टम और ऊर्जा उत्पादन के लिए जरूरी है।
विटामिन B12 के स्रोत और सप्लीमेंट्स
विटामिन B12 मुख्य रूप से मांसाहारी आहार जैसे बीफ, ऑर्गन मीट, सी-फूड और अंडों में पाया जाता है। वेजिटेरियन या वीगन लोगों के लिए पर्याप्त मात्रा में B12 प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए ऐसे लोग B12 सप्लीमेंट्स का सेवन कर सकते हैं ताकि उनकी कमी पूरी हो सके।