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विटामिन D की कमी भारतीय महिलाओं में एक बढ़ती समस्या है। जानिए इसके लक्षण, कारण और शरीर में इसकी कमी को कैसे पूरा करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में विटामिन D की कमी एक गंभीर समस्या बन चुकी है, और यह महिलाओं में ज्यादा देखने को मिल रही है। हैरानी की बात है कि लगभग 90% महिलाएं इस पोषक तत्व की कमी का सामना कर रही हैं। आजकल लोग फिट और स्वस्थ रहने के लिए जिम जाते हैं, डाइट प्लान फॉलो करते हैं, और सप्लीमेंट्स भी लेते हैं, लेकिन बहुत सी महिलाएं विटामिन D की कमी से जूझ रही हैं, जिसे सनशाइन विटामिन भी कहा जाता है।
विटामिन D की कमी क्यों हो रही है?
भारत में विटामिन D की कमी एक बड़ी चुनौती बन गई है। यह केवल आंतरिक कारणों से नहीं, बल्कि वर्तमान लाइफस्टाइल से भी जुड़ा हुआ है। महिलाओं के शरीर में विटामिन D का स्तर सामान्य से कम पाया जा रहा है, जिससे हड्डियों में दर्द, थकान, मूड स्विंग्स और बार-बार बीमार पड़ने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
विटामिन D क्यों है इतना जरूरी?
विटामिन D हमारे शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कैल्शियम और फास्फोरस के अवशोषण में मदद करता है। इसके कारण हड्डियां और दांत मजबूत रहते हैं। इसके अलावा, यह इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाता है और शरीर को बीमारियों से बचाता है। जिन व्यक्तियों में विटामिन D का स्तर सही रहता है, उनके लिए डायबिटीज, दिल की बीमारी और कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा कम हो सकता है। महिलाओं के लिए यह और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि गर्भावस्था, हार्मोनल बदलाव और उम्र बढ़ने के साथ इसकी आवश्यकता बढ़ जाती है।
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महिलाओं में विटामिन D की कमी क्यों बढ़ रही है?
वर्तमान में महिलाएं ज्यादातर समय घर या ऑफिस के अंदर बिताती हैं, जिसके कारण धूप की कमी हो रही है। इसके अलावा, धूप से बचने के लिए महिलाएं सनस्क्रीन या पूरी तरह से ढके हुए कपड़े पहनती हैं, जिससे शरीर को पर्याप्त विटामिन D नहीं मिल पाता। भारतीय वेजिटेरियन आहार में विटामिन D के स्रोत कम होते हैं, और प्रेगनेंसी के दौरान शरीर को ज्यादा विटामिन D की आवश्यकता होती है। 40 वर्ष के बाद हड्डियों का घनत्व घटने लगता है, और यदि शरीर को विटामिन D न मिले तो हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।
विटामिन D की कमी के लक्षण
अगर शरीर में विटामिन D की कमी हो जाए, तो इसके कुछ प्रमुख लक्षण सामने आ सकते हैं:
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लगातार थकान और कमजोरी का अनुभव
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हड्डियों, पीठ और घुटनों में दर्द
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मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन
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चिड़चिड़ापन, उदासी और डिप्रेशन
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बार-बार सर्दी, खांसी या संक्रमण का होना
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बालों का अधिक झड़ना
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नींद में परेशानी
विटामिन D की कमी को कैसे पूरा करें?
विटामिन D की कमी को कुछ सरल उपायों से दूर किया जा सकता है:
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रोजाना सुबह 7 से 9 बजे के बीच 15-20 मिनट धूप में रहना
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अपने आहार में अंडे की जर्दी, फैटी फिश (सैल्मन, टूना), दूध, दही, पनीर और मशरूम शामिल करें
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फोर्टिफाइड डेयरी उत्पादों का सेवन करें
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अगर लक्षण गंभीर हों तो डॉक्टर से सलाह लें और विटामिन D सप्लीमेंट्स का सेवन करें