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उपराष्ट्रपति सी.पी राधाकृष्ण ने अपने पदभार ग्रहण के बाद पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनिंदा भाषणों पर आधारित चार पुस्तकों का विमोचन किया और पीएम मोदी की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा, “भारत अब यह साबित कर चुका है कि हम एक वैश्विक ताकत बनने का लक्ष्य रखते हैं, ताकि हम पूरे विश्व का भला कर सकें। हमारा उद्देश्य किसी पर हुकूमत करना नहीं है, बल्कि हम शक्ति इसलिए चाहते हैं, ताकि दुनिया के किसी भी हिस्से में गरीब देशों पर अमीर देशों का दबाव न पड़े।”
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के विदेश नीति की तारीफ करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व वैश्विक संबंधों में संतुलन बनाए रखने का प्रतीक है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैक्स टैरिफ लगाए, फिर भी उन्होंने हमेशा पीएम मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताया। पीएम मोदी के रूस और अमेरिका के साथ मजबूत रिश्ते हैं, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहते हैं।”
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प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर मजबूत पकड़
राधाकृष्ण ने यह भी उल्लेख किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत की है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि भारत दुनिया के देशों के साथ मजबूत और पारस्परिक संबंध बनाए। चाहे वह अमेरिका, रूस या चीन हो, मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने अपने रिश्तों को आगे बढ़ाया है।”
चुनिंदा भाषणों पर आधारित चार पुस्तकें
पुस्तक विमोचन के दौरान उपराष्ट्रपति ने बताया कि चार किताबों में प्रधानमंत्री मोदी के भाषणों का संकलन किया गया है, जो उनके नेतृत्व और विचारधारा को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। संजय जाजू, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव ने बताया कि पुस्तकों के पहले सेट में जून 2022 से मई 2023 तक के भाषण शामिल हैं, जबकि दूसरे सेट में जून 2023 से मई 2024 तक के भाषण शामिल हैं।
सी.पी राधाकृष्ण का उपराष्ट्रपति पद का कार्यभार
सी.पी राधाकृष्ण ने 9 सितंबर 2025 को विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को हराकर उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। 12 सितंबर को उन्होंने राष्ट्रपति भवन में औपचारिक रूप से शपथ ग्रहण की। पूर्व उपराष्ट्रपति, जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों के चलते इस्तीफा दे दिया था।
पीएम मोदी का विजन और वैश्विक नेतृत्व
उपराष्ट्रपति सी.पी राधाकृष्ण ने इस मौके पर पीएम मोदी के योगदान को सराहा और कहा कि उनके भाषणों को पढ़कर हम उनके विचारों और नेतृत्व क्षमता को गहराई से समझ सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी की योजनाओं का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है और ये पुस्तकें उनके योगदान को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।