Vegetable Rates Increased: सब्जियों के बढ़े दामों ने रसोई का जायका बिगाड़ा, लौकी-बींस की कीमतें हैरान कर देंगी

Vegetable Rates Increased: सब्जियों के बढ़े दामों ने रसोई का जायका बिगाड़ा, लौकी-बींस की कीमतें हैरान कर देंगी

Vegetable Rates Increased: ऊपर से परिवहन भाड़ा भी बढ़ा है। यहां उपलब्ध सब्जियों के मूल्यों पर इसका सीधा असर है। आने वाले दिनों में सब्जियों के दामों में और इजाफा होने की संभावना है।

Vegetable Rates Increased: महिलाओं की चिंता बढ़ गई है क्योंकि सब्जियों के बढ़ते दामों ने उनके थाली का जायका बिगाड़ दिया है। महिलाओं के रसोई का मासिक बजट इससे प्रभावित हुआ है। अब एक मध्यम वर्गीय परिवार का मासिक सब्जी खर्च ढाई हजार रुपये हो गया है, जबकि पहले 1500 रुपये था।

प्रदेश के कई शहरों में सब्जियों की कीमतें बढ़ी हैं। महिलाएं देहरादून, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, विकासनगर, रुड़की, हरिद्वार, रुदपुर और अन्य शहरों में सब्जियों की कीमतों में उछाल से चिंतित हैं।इन दिनों अल्मोड़ा में सभी सब्जियों के दामों में 15 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। टमाटर, प्याज और आलू सब्जी का स्वाद बढ़ाते हैं, लेकिन पिछले एक सप्ताह के भीतर ही आलू की कीमत 30 से सीधे 45 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है।

प्याज की कीमत 10 रुपये बढ़ी है। टमाटर 15 रुपये महंगा है, लेकिन लौकी 20 रुपये महंगी है। लोअर मालरोड स्थित सब्जी विक्रेता ललित सिंह ने बताया कि हल्द्वानी मंडी में ही सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं।

ऊपर से परिवहन भाड़ा भी बढ़ा है। यहां उपलब्ध सब्जियों के मूल्यों पर इसका सीधा असर है। उसने कहा कि आने वाले दिनों में सब्जियों के दामों में और इजाफा होने की संभावना है। सब्जियों का मूल्य बढ़ा है।

सब्जियों की आवक कम हुई

सब्जी विक्रेता अमित जोशी ने बताया कि गर्मी के कारण इन दिनों सब्जियों की आवक कम हो गई है। पहले हल्द्वानी मंडी से हर दिन पांच ट्रक सब्जियां यहां आती थीं। आजकल केवल तीन ट्रक सब्जियां आती हैं। यहां उपलब्ध किसी भी सब्जी का मूल्य पहले से अधिक है। ऊपर से मालभाड़ा बढ़ने से सब्जियों की लागत भी बढ़ी है।

स्थानीय सब्जियां नहीं आने से भी महंगा हो गया

नगर के आसपास के गांवों में सब्जियों का उत्पादन होता है, लेकिन इस बार बारिश नहीं होने और गर्मी से उत्पादन बहुत कम हुआ है। काश्तकारों का कहना है कि इस बार बाजार में सब्जी की उपलब्धता पचास प्रतिशत कम है। स्थानीय सब्जियों की बिक्री नहीं होने से तराई की सब्जियों का मूल्य बढ़ा है।

सब्जियों की कीमतें बढ़ने से सीमित मात्रा में खरीदना पड़ रहा है। अब बीन्स 100 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। सप्ताह भर में अन्य सब्जियों की कीमतें भी बढ़ी हैं।

रसोई का बजट बढ़ गया है क्योंकि सब्जियों की कीमतें बढ़ी हैं। दैनिक आवश्यकताओं में कमी करके खरीदारी करनी पड़ती है। दाम बढ़ने से मनपंसद सब्जियां रसोई से  दूर होती जा रही हैं।

सब्जी        पहले      अब

प्याज                30          45
टमाटर             25          40
आल                30          45
गोबी                80         100
बीन्स               80         100
लौकी              40          60
शिमला मिर्च    60          80

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