राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” की रचना के 150 वर्षों की उपलब्धि के अवसर पर, निदेशालय, अल्पसंख्यक मामलात विभाग ने “वन्दे मातरम् @150” कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में निदेशक श्री एम. डी. मीना ने राष्ट्रगीत की देशभक्ति, स्वदेशी आंदोलन और राष्ट्रीय एकता में अहम भूमिका पर जोर दिया।
स्वदेशी संकल्प: भारतीय उत्पादों और भाषाओं का समर्थन
कार्यक्रम के दौरान, निदेशक श्री मीना ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से एकजुट होकर स्वदेशी संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में विदेशी उत्पादों के स्थान पर भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके साथ ही गांव, किसान और कारीगरों का समर्थन कर स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया गया।
निदेशक ने सामाजिक और पारिवारिक जीवन में भारतीय भाषाओं का उपयोग बढ़ाने, पर्यावरणीय दृष्टिकोण से स्वदेशी और प्रकृति अनुकूल उत्पादों को अपनाने, और देश के पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
also read: जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने सड़क सुरक्षा पर…
कार्यक्रम में शामिल अतिथि और अधिकारी
इस कार्यक्रम में आरएमएफडीसीसी की एमडी श्रीमती रजनी सी सिंह, उपनिदेशक श्री जावेद अली, मुख्य लेखाधिकारी श्री मुन्ना लाल टोड़ीवाल, सहायक निदेशक श्री सुशील कुमार सहित निदेशालय, अल्पसंख्यक मामलात विभाग, राजस्थान मदरसा बोर्ड और आरएमएफडीसीसी के अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद रहे।
इस आयोजन ने भारतीय संस्कृति, भाषा और स्वदेशी उत्पादों के महत्व को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण कदम उठाया, जिससे देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता को और मजबूत किया जा सके।