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उत्तराखंड में UCC दिवस पर सीएम धामी ने महिलाओं और युवाओं को समान अधिकारों का संदेश दिया, राज्य पहला जिसने Uniform Civil Code लागू किया।
उत्तराखंड ने आज UCC दिवस मनाया, जो राज्य में यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू होने के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया। 27 जनवरी 2025 को लागू हुई UCC से उत्तराखंड पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने संविधान के अनुच्छेद-44 को पूरी तरह धरातल पर लागू किया।
UCC क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?
Uniform Civil Code यानी समान नागरिक संहिता, सभी नागरिकों के लिए समान व्यक्तिगत अधिकार और कर्तव्य सुनिश्चित करती है, चाहे उनकी धर्म, जाति या पृष्ठभूमि कुछ भी हो। इस कानून का उद्देश्य महिलाओं और युवाओं के अधिकारों को सशक्त करना और समाज में समानता व न्याय सुनिश्चित करना है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी का संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह दिन राज्य के इतिहास में ऐतिहासिक महत्व रखता है। उन्होंने बताया कि UCC लागू होने से महिला सशक्तिकरण, समानता और सामाजिक न्याय को मजबूत करने में मदद मिली है। सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड गंगा, यमुना और पवित्र तीर्थस्थलों की भूमि है और आज इस देवभूमि से पूरे भारत में समानता और न्याय का संदेश दिया गया।
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राज्यभर में कार्यक्रम और जागरूकता
UCC के एक वर्ष पूरे होने पर राज्य के विभिन्न हिस्सों में जनसंवाद, जागरूकता शिविर और महिला सशक्तिकरण से जुड़े आयोजन किए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आम जनता को UCC के महत्व और इसके लाभों के बारे में जागरूक करना था।
चारधाम यात्रा की तैयारियाँ
सीएम ने चारधाम यात्रा की तैयारियों का भी विवरण साझा किया। उन्होंने कहा कि इस बार यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए राज्य सरकार ने विशेष प्रबंध किए हैं, ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो।
समानता की दिशा में उल्लेखनीय कदम
UCC दिवस केवल एक समारोह नहीं है, बल्कि यह समान अधिकार, सामाजिक न्याय और एक-जैसी नागरिकता को मान्यता देने वाला उत्सव है। मुख्यमंत्री धामी का मानना है कि यह कानून समाज में बराबरी, सुरक्षा और न्याय की भावना को और मजबूत करेगा।