Uttarakhand News Forest Fire: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा के बिनसर में वन अग्नि में घायल वन कर्मचारियों को दिल्ली के एम्स अस्पताल में भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सुशीला तिवारी को अस्पताल भेजा गया।
Forest Fire: उत्तराखंड में जंगलों की आग लगातार बढ़ रही है। जंगलों की आग बुझाने में भारतीय वायुयेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है। नैनीताल जिले के भीमताल झील से वायु सेवा का हेलीकॉप्टर पानी भरकर जंगलों में लगी आग को बुझाने में जुट गया है।
आपको बता दें कि अल्मोड़ा जिले के बिनसर में लगी जंगल में आग बुझाने के लिए गए चार वन कर्मियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। चार अन्य वनकर्मी बुरी तरह झुलस गए थे। सरकार ने वनकर्मियों को दिल्ली के एम्स में एयरलिफ्ट कर दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा के बिनसर में वन अग्नि में घायल वन कर्मचारियों को दिल्ली के एम्स अस्पताल में भेजने के निर्देश दिए हैं। अब चारों घायलों को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेजने की तैयारी की जा रही है।
कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि वन अग्नि में गंभीर रूप से झुलस कर घायल हुए कर्मचारियों को दिल्ली से पंतनगर लाने के लिए दो एयर एंबुलेंस आ रहे हैं। बाद में सभी घायलों को सुशीला तिवारी अस्पताल से एम्स दिल्ली की बर्न यूनिट में भर्ती कराया जाएगा।
अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी ने घायलों को हल्द्वानी के एसटीएच में भर्ती कराया। उनका कहना था कि सरकार और वन विभाग की लापरवाही से यह दुर्घटना हुई। दावानल की बदतर स्थिति को देखते हुए सरकार को ठोस नीति बनाकर वन विभाग को सक्षम बनाना चाहिए।
साथ ही,उनका वाहन भी आग में जल गया। 35 वर्षीय वन गार्ड दीवान राम निवासी भेटुली आयारपानी, 56 वर्षीय त्रिलोक मेहता निवासी बाड़ेछीना, 50 वर्षीय पूरन मेहरा (पीआरडी जवान) निवासी कलौन, धौलछीना और 21 वर्षीय फायर वॉचर करन आर्या निवासी भेटुली आयारपानी सभी घटनास्थल पर ही मर गए। साथ ही 21 वर्षीय कृष्ण कुमार, 38 वर्षीय भगवत सिंह भोज, दोनों आयारपानी से हैं; 44 वर्षीय कुंदन नेगी, खाकरी से; और 44 वर्षीय कैलाश भट्ट, घनेली अल्मोड़ा से गंभीर रूप से झुलस गए।