उत्तराखंड सरकार ने श्रम कानून में बदलाव कर महिलाओं और प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत दी। अब रात की पाली में काम करने पर महिलाओं को आर्थिक लाभ मिलेगा और छोटे प्रतिष्ठानों के लिए पंजीकरण की अनिवार्यता 20 कर्मचारियों तक सीमित होगी।
उत्तराखंड सरकार ने श्रम कानून में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए महिलाओं और प्रतिष्ठानों को राहत प्रदान की है। कैबिनेट ने उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) (संशोधन) अध्यादेश, 2025 को मंजूरी दी, जिससे 2017 के अधिनियम में धारा 1(2), 8, 9 और 19 में संशोधन लागू होंगे।
इस संशोधन के तहत अब प्रतिष्ठानों के लिए पंजीकरण की अनिवार्यता 10 कर्मचारियों से बढ़ाकर 20 कर्मचारियों कर दी गई है। इससे छोटे प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। इससे कर्मकारों को अधिक अवसर मिलेंगे, जिसके परिणामस्वरूप उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
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साथ ही, महिलाओं को रात्रि पाली (रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक) में काम करने की सशर्त अनुमति दी गई है। इसके तहत महिलाएं पुरुषों के समान कार्य कर सकेंगी और आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। इस सुविधा के लिए दो मुख्य शर्तें निर्धारित की गई हैं:
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प्रतिष्ठान में सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए।
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रात्रि पाली के लिए महिला कर्मकार की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि यह कदम लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा और उत्तराखंड के श्रम बाजार में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करेगा।