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उत्तराखंड में खाद्य मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने 152 खाद्य नमूनों को जांच के लिए भेजा है। यह विशेष अभियान दीपावली तक जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य उत्पाद प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री धामी का खाद्य सुरक्षा को लेकर मजबूत प्रतिबद्धता
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हर घर की थाली को सुरक्षित बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उनके मार्गदर्शन में, एफडीए ने नवरात्रि के दौरान विशेष अभियान शुरू किया है, जिससे मिठाई और डेयरी उत्पादों में मिलावट को रोका जा सके। इस पहल के तहत खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
152 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए
एफडीए ने पहले चरण में 152 खाद्य नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। इस अभियान में मिठाई, दूध, खोया, घी, तेल, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने शामिल हैं। अगर इन नमूनों में मिलावट या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो विक्रेताओं और उत्पादकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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मिलावटी उत्पादों का नष्ट किया गया
एफडीए की निरीक्षण टीम ने दुकानों से 195 किलो पनीर, 150 किलो दूध से बने उत्पाद, 4500 किलो फल का पल्प और 200 किलो मिठाई जब्त कर नष्ट की। इसके अलावा, छह व्यापारियों के खिलाफ नोटिस भी जारी किए गए हैं।
सख्त कार्रवाई की जाएगी
एफडीए के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि त्योहारों के दौरान मिलावटखोरों की सक्रियता को देखते हुए विभाग ने पहले से ही विशेष रणनीति बनाई है। हर जिले में टीमें गठित की गई हैं, जो खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में भेज रहे हैं। इस दौरान यदि कोई मिलावट पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगे की रणनीति और अभियान की निगरानी
एफडीए द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की निरंतर निगरानी मुख्यालय स्तर से की जा रही है। दीपावली तक यह अभियान जारी रहेगा ताकि हर घर की थाली में केवल शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री हो।
हर परिवार की खुशियां सुरक्षित रहें
यह विशेष अभियान न केवल उपभोक्ताओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि त्योहारों के दौरान हर परिवार को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिले। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मिलावटखोरों के खिलाफ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।