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इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में यूपी की बड़ी हिस्सेदारी
सीएम योगी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था में सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र है। भारत आज विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है, जिसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 60% है। इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं का लाभ यूपी को पूरी तरह उठाना चाहिए।
प्रदेश के औद्योगिक विकास की मजबूत नींव
पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने औद्योगिक विकास में अभूतपूर्व प्रगति की है। अब समय आ गया है कि प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भी वैश्विक स्तर पर अपनी विशेष पहचान बनाए। यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती देने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।
सीएम योगी के मुख्य निर्देश
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए केंद्र सरकार की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के साथ यूपी की ओर से टॉप-अप इंसेंटिव दिए जाने पर जोर दिया। इसके अलावा, पूंजीगत निवेश पर सब्सिडी, स्टाम्प शुल्क, बिजली शुल्क में छूट, ब्याज अनुदान, लॉजिस्टिक्स एवं संचालन सहायता के प्रावधान भी शामिल किए जाएं।
सीएम ने कहा कि प्रदेश में रोजगार सृजन और युवाओं को प्राथमिकता देने वाले निवेशकों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। नीति के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाएगी। निवेशकों को एकल विंडो प्रणाली से सभी सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्राथमिकता मिलेगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में यूपी को वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य
योगी सरकार ने ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए ताकि यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट विनिर्माण का वैश्विक हब बन सके। यह नीति न केवल विदेशी निवेश को आकर्षित करेगी, बल्कि आयात पर निर्भरता घटाकर घरेलू उत्पादन और विदेशी मुद्रा की बचत में भी सहायक होगी।
प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और निर्यात में वृद्धि
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2014-15 में देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 1.9 लाख करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 11.3 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। मोबाइल उत्पादन 18 हजार करोड़ से बढ़कर 5.45 लाख करोड़ रुपये और मोबाइल निर्यात 1,500 करोड़ से 2 लाख करोड़ रुपये हो गया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में उत्तर प्रदेश से लगभग 37 हजार करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर का निर्यात हुआ।
अगले पांच वर्षों का लक्ष्य
प्रस्तावित नीति का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन का है और लगभग 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना है। यह नीति राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
क्लस्टर्स और इंफ्रास्ट्रक्चर का सुदृढ़ीकरण
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स को और मजबूत किया जाएगा। जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर से प्रदेश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में और मजबूती मिलेगी।