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यूपी पंचायत चुनाव 2026 को लेकर आरक्षण प्रक्रिया शुरू, योगी सरकार ने छह सदस्यीय आयोग के गठन का प्रस्ताव भेजा। जानें कितनी पंचायतें कम हुईं और आरक्षण कब से लागू होगा।
यूपी पंचायत चुनाव 2026: उत्तर प्रदेश में 2026 में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतों के परिसीमन के बाद अब आरक्षण प्रक्रिया को गति देने के लिए छह सदस्यीय आयोग के गठन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जो राज्य ग्रामीण निकायों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण सुनिश्चित करने का काम करेगा।
504 पंचायतें कम, अब 57,695 ग्राम पंचायतें
पंचायती राज विभाग द्वारा किए गए नए परिसीमन में राज्य की 504 ग्राम पंचायतों को या तो विलय किया गया है या समायोजित किया गया है। इससे राज्य में ग्राम पंचायतों की संख्या घटकर अब 57,695 रह गई है। यह परिसीमन पंचायत चुनावों में नए सीट आरक्षण का आधार बनेगा।
अब आरक्षण के लिए बनेगा आयोग (यूपी पंचायत चुनाव 2026)
पंचायती राज विभाग ने छह सदस्यीय राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। यह आयोग राज्य के जनसंख्या डेटा के आधार पर ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत (ब्लॉक), और जिला पंचायत स्तर पर आरक्षण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देगा।
प्रस्ताव की मुख्य बातें:
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आयोग की रिपोर्ट के आधार पर चुनावी सीटों का आरक्षण तय होगा
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कैबिनेट की मंजूरी के बाद आयोग का गठन होगा
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आरक्षण प्रक्रिया अक्टूबर 2025 तक शुरू होने की संभावना
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आयोग जनसंख्या के ताज़ा आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगा
किन पदों पर होगा आरक्षण? (यूपी पंचायत चुनाव 2026)
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ग्राम पंचायत प्रधान
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ग्राम पंचायत सदस्य
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क्षेत्र पंचायत सदस्य
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जिला पंचायत सदस्य
इन सभी पदों पर जनसंख्या के आधार पर OBC, SC, ST और महिला आरक्षण लागू किया जाएगा।
चुनाव की तारीखों का एलान जल्द
अभी तक चुनाव की तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन परिसीमन पूरा होने और आरक्षण प्रक्रिया की शुरुआत से संकेत मिल रहे हैं कि पंचायत चुनाव की अधिसूचना जल्द जारी हो सकती है। संभावना है कि चुनाव अप्रैल–मई 2026 के बीच कराए जाएंगे।
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