UP Kacha Aam Politics: यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने अखिलेश यादव के ‘कच्चा आम’ तंज पर पलटवार किया। जानिए कैसे लखनऊ में आम महोत्सव के दौरान सियासी बयानबाजी हुई।
UP Kacha Aam Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों ‘कच्चा आम’ चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यह मामला समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बीच बयानबाजी का कारण बन गया है। 4 जुलाई को अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आम महोत्सव के उद्घाटन के दौरान हरे रंग के आम की तस्वीर पोस्ट करते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा, “कच्चे आम कह रहे पकाओ मत!”
UP Kacha Aam Politics: अखिलेश यादव का यह ट्वीट तत्काल चर्चा का विषय बन गया, जिससे दोनों पक्षों के बीच विवाद की शुरुआत हुई। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश के इस तंज का जवाब देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष को 2012 में एक ‘कच्चा आम’ को ‘पका हुआ आम’ समझने की भूल हुई थी। केशव मौर्य ने ट्वीट करते हुए यह भी कहा, “नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने 2012 में यह गलती की थी, और जीवन भर पछताए।”
UP Kacha Aam Politics-
नेताजी ने 2012 में एक कच्चे आम को पका हुआ आम समझने की भूल की थी। इसे लेकर वह जीवन पर्यंत पछताते रहे।
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) July 5, 2025
दरअसल, कच्चे आम को लेकर यह विवाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय आम महोत्सव के उद्घाटन के बाद उठा। इस महोत्सव में योगी आदित्यनाथ ने आम की तस्वीर के साथ उद्घाटन किया, जिसे ‘कच्चा आम’ के रूप में देखा गया।
इस सियासी विवाद के केंद्र में 2012 का वो समय भी है, जब समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनावों में पूर्ण बहुमत से जीत हासिल की थी और मुलायम सिंह यादव ने अपने बेटे अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया था। हालांकि, बाद में 2017 में सपा में फूट पड़ गई, जिसके चलते अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव को पार्टी से बाहर किया और पार्टी अध्यक्ष बने।
For more news: UP