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तुर्कमान गेट पर फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई पत्थरबाजी के बाद दिल्ली मंत्री आशीष सूद ने शांति बनाए रखने और राजनीतिकरण से बचने का किया आग्रह। पुलिस ने 30 लोगों की पहचान की, सांसद मोहिबुल्लाह नादवी को भी जांच में समन भेजा गया।
दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हाल ही में हुई पत्थरबाजी की घटना को राजनीतिक रंग न देने की अपील की है। उन्होंने जनता से अफवाहें फैलाने से बचने और पुलिस की जांच प्रक्रिया को स्वतंत्र रूप से पूरा करने देने का अनुरोध किया।
आशीष सूद ने दी सुरक्षा की आश्वासन
आशीष सूद ने कहा कि मस्जिद पूरी तरह सुरक्षित है और इस मामले में दिल्ली सरकार की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल अदालत के निर्देश और भूमि माफिया के खिलाफ चलाए गए एमसीडी अभियान के तहत की गई थी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि संवेदनशील मामले को राजनीतिक मुद्दा न बनाएं और शांति बनाए रखें।
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एमसीडी के अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हुई घटना
यह घटना दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा रामलीला मैदान के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के नजदीक चलाए गए अतिक्रमण हटाने अभियान के दौरान हुई। दिल्ली पुलिस ने बताया कि अमन बनाए रखने के लिए स्थानीय हितधारकों और अमन कमेटी के साथ समन्वय बैठकें आयोजित की गई थीं।
पुलिस ने 30 लोगों की पहचान की
दिल्ली पुलिस ने पत्थरबाजी में शामिल 30 लोगों की पहचान की है। पुलिस ने कहा कि ये पहचान सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो की मदद से की गई। इस मामले में गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
जांच में सांसद मोहिबुल्लाह नादवी को समन
पुलिस ने समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नादवी को भी जांच में शामिल होने के लिए समन भेजने का निर्णय लिया है। पुलिस के अनुसार, वे हिंसा से पहले घटनास्थल पर मौजूद थे और वरिष्ठ अधिकारियों के अनुरोध के बावजूद वहीं रहे।