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दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार मिलकर 6 बड़े रोड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम करने जा रही हैं। इन प्रोजेक्ट्स की कुल लंबाई 128 किलोमीटर होगी, जिनमें से सबसे प्रमुख है द्वारका एक्सप्रेसवे से नेल्सन मंडेला मार्ग तक 5 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग का निर्माण। इसका मकसद दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाकर ट्रैफिक की समस्या को दूर करना है।
6 बड़े रोड प्रोजेक्ट्स से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) दिल्ली से गुजरने वाले छह महत्वपूर्ण रोड प्रोजेक्ट्स पर काम करेगी, जिनकी कुल लागत लगभग 23,850 करोड़ रुपये आंकी गई है। इन परियोजनाओं में द्वारका एक्सप्रेसवे से वसंत कुंज तक की सड़क परियोजना भी शामिल है, जो यात्रियों को खासा राहत देगी। इन रोड प्रोजेक्ट्स से NH-44 और NH-48 जैसे व्यस्त राजमार्गों पर ट्रैफिक की भीड़ कम होगी और लंबी दूरी के वाहनों के लिए तेज और आसान मार्ग बनेगा।
भूमिगत सुरंग से ट्रैफिक को मिलेगी नई दिशा
इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण द्वारका एक्सप्रेसवे से नेल्सन मंडेला मार्ग तक बनने वाली 5 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग है। लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सुरंग द्वारका/गुड़गांव और दक्षिणी दिल्ली के बीच एक सिग्नल-फ्री, सीधा मार्ग उपलब्ध कराएगी। इससे धौला कुआं और राव तुला राम मार्ग जैसे व्यस्त रास्तों पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होगा।
केंद्र और दिल्ली सरकार का मजबूत समन्वय
सड़क निर्माण के कार्य की निगरानी NHAI करेगी, जबकि दिल्ली सरकार जमीन अधिग्रहण और अन्य बाधाओं को दूर करने में मदद करेगी। निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा के लिए पुलिस और नगर निगम की एजेंसियों के साथ भी समन्वय किया जाएगा। इसके अलावा, दिल्ली सरकार नियमित रूप से परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेगी ताकि काम समय पर पूरा हो सके।
सार्वजनिक सुविधाओं और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
निर्माण स्थलों के आसपास साफ-सफाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन सक्रिय रूप से काम कर रहा है। साथ ही, दिल्ली के अधिकारी नियमित रूप से रिपोर्टिंग और निगरानी करके योजना की पारदर्शिता बनाए रखेंगे।
क्या कहती हैं अधिकारी?
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इन परियोजनाओं का विस्तृत विवरण दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ साझा किया है। उन्होंने अधिकारियों को मिलकर काम करने और तेजी से कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि दिल्ली में ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान मिल सके।