भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से किसानों को बड़ा फायदा, ब्रिटेन में बढ़ेगा भारतीय कृषि उत्पादों का निर्यात

भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से किसानों को बड़ा फायदा, ब्रिटेन में बढ़ेगा भारतीय कृषि उत्पादों का निर्यात

भारत और ब्रिटेन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से भारतीय किसानों, कृषि उत्पादों, मसालों, गहनों और टेक्सटाइल के निर्यात को मिलेगा बड़ा फायदा। जानें कैसे भारत को यूरोपीय बाजार में मिलेगी सीधी पहुंच और किसानों को होगा ज़्यादा मुनाफा।

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भारत और ब्रिटेन के बीच हाल ही में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में दोनों देशों ने इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो भारत के कृषि निर्यात को 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने में मदद करेगा।

ब्रिटेन में खुलेगा प्रीमियम बाजार, किसानों को होगा अच्छा मुनाफा

इस एफटीए के तहत भारतीय हल्दी, इलायची, काली मिर्च, आम का पल्प, अचार और दाल समेत कई प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स पर ब्रिटेन में कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा। इससे भारतीय किसानों और निर्यातकों को बेहतर मुनाफा मिलेगा और उनकी पहुंच यूरोपीय बाजारों तक आसान होगी।

अगले तीन सालों में कृषि निर्यात में 20% से ज्यादा की वृद्धि की उम्मीद

भारत से ब्रिटेन तक कृषि और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों पर अब 95% से ज्यादा पर जीरो ड्यूटी लागू होगी, जिससे फल, सब्जियां, मसाले, फ्रूट पल्प, रेडी टू ईट मील जैसे उत्पाद सस्ते और अधिक लोकप्रिय होंगे। यह समझौता भारत के कृषि क्षेत्र को उच्च गुणवत्ता और लाभदायक उत्पादों की ओर बढ़ावा देगा।

संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा और नए उत्पादों के लिए मौके

डेयरी उत्पाद, सेब, ओट्स और खाद्य तेलों पर शुल्क राहत नहीं दी गई है ताकि इन क्षेत्रों के किसानों को नुकसान न पहुंचे। साथ ही जैकफ्रूट, मिलेट्स, ऑर्गेनिक जड़ी-बूटियां और सब्जियों के निर्यात में वृद्धि के अवसर बढ़ेंगे, जिससे किसानों को खेती में विविधता लाने का मौका मिलेगा।

मत्स्य उद्योग और समुद्री उत्पादों को बढ़ावा

आंध्र प्रदेश, ओडिशा, केरल और तमिलनाडु जैसे तटीय राज्यों के मत्स्य उद्योग को भी फायदा होगा। झींगा, टूना और फिशमील जैसे समुद्री उत्पादों पर 99% ड्यूटी खत्म होने से निर्यात में जबरदस्त वृद्धि होगी।

कॉफी, चाय, मसाले और ब्रांडेड उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा

यूके में कॉफी, चाय और मसालों पर भी शुल्क खत्म होने से इन सेक्टरों में निर्यात बढ़ने की उम्मीद है। विशेष रूप से भारतीय इंस्टेंट कॉफी को यूरोप के बाजारों में बेहतर प्रतिस्पर्धा मिलेगी।

टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में राहतरेडीमेड कपड़े, होम टेक्सटाइल और हस्तशिल्प पर यूके में टैक्स खत्म हो जाएगा। इसके अलावा, भारतीय इंजीनियरिंग उत्पादों पर टैरिफ कम होने से इलेक्ट्रिकल मशीनें और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की मांग बढ़ेगी। स्मार्टफोन, ऑप्टिकल फाइबर और सॉफ्टवेयर सेवाओं पर भी टैक्स राहत मिलेगी, जिससे आईटी सेक्टर में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

गहनों के निर्यात में भारी वृद्धि की संभावना

सोने और चांदी के गहनों पर टैक्स खत्म होने से भारत का निर्यात दोगुना होने की उम्मीद है। यूके के बड़े बाजार में भारतीय ज्वेलरी को नई उड़ान मिलेगी।

यह समझौता न केवल भारत और ब्रिटेन के व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करेगा बल्कि भारत के किसानों, उत्पादकों और उद्योगों के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलेगा। भारत-यूके एफटीए से भारतीय कृषि और उद्योग जगत को वैश्विक स्तर पर बढ़त मिलेगी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

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