Free Trade Agreement: भारत फिलहाल स्विस चॉकलेट पर 30% आयात शुल्क लगाता है। माना जाता है कि हाई एंड टेक्नोलॉजी इस एग्रीमेंट से सबसे अधिक लाभ उठा सकते हैं।
Free Trade Agreement: भारत ने पहले ब्रिटेन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर मुहर लगाई थी, और अब चार यूरोपीय देशों के साथ FTA पर मुहर लगाई है। यूरोप में स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिंचिस्टर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करते हैं। इससे कई उत्पादों पर सीमा शुल्क शून्य होने के बाद यह सस्ता होगा। रिपोर्ट के अनुसार, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से उसका दायित्व हट जाएगा। इससे चॉकलेट और स्विस घड़ी सस्ता हो जाएगा। ये सितंबर से स्विट्जरलैंड सहित चार यूरोपीय देशों में लागू होंगे।
भारत में बड़े निवेश आ सकते हैं
भारत फिलहाल स्विस चॉकलेट पर 30% आयात शुल्क लगाता है। माना जाता है कि हाई एंड टेक्नोलॉजी इस एग्रीमेंट से सबसे अधिक लाभ उठा सकते हैं। इन चार यूरोपीय देशों से इस एग्रीमेंट के जरिए भारत में 100 अरब डॉलर से अधिक का निवेश आ सकता है। इस एग्रीमेंट के बाद दवा कंपनियों में भी बड़े निवेश हो सकते हैं।
एफटीए क्या है?
गौरतलब है कि इन चार यूरोपीय देशों के साथ सहयोग के बाद 90 प्रतिशत सामानों पर टैक्स हट जाएगा। मुख्य लाभ यह होगा कि भारत का बाजार उन देशों के लिए निवेश का एक बड़ा मौका प्रदान करेगा। लेकिन इन कृषि में किसानों के हितों और कृषि से जुड़े उत्पादों का खास ध्यान रखा गया है
वास्तव में, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद देशों के बीच व्यापार और आसान हो जाता है। इसके बाद आयात-निर्यात पर सीमा शुल्क और सब्सिडी या तो पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं या बहुत कम हो जाते हैं। यानि, किसी भी सरकार के व्यापार संरक्षणवाद के बिल्कुल खिलाफ ये स्वतंत्र व्यापार सौदे हैं।
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