मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि किसी भी स्कूल को अभिभावकों को परेशान करने या छात्रों को अवैध रूप से निकालने का अधिकार नहीं है। बच्चों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निजी स्कूलों में मनमानी फीस वृद्धि की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनने के बाद निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी का मुद्दा एक बार फिर चरम पर आ गया है। अब मामला अदालत में है। दिल्ली सरकार से भी अभिभावकों ने इसकी शिकायत की है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और शिक्षा में पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है। दिल्ली शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों से इस बारे में प्रतिक्रिया मांगी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीटीआई को बताया कि किसी भी स्कूल को फीस लेकर अभिभावकों को परेशान करने या छात्रों को गलत तरीके से निकालने का अधिकार नहीं है।
आज जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान क्वीन मैरी स्कूल, मॉडल टाउन से संबंधित एक मामला सामने आया, जिसमें बच्चों के परिजनों ने गलत तरीके से फीस वसूली और बच्चों को स्कूल से निकाले जाने की शिकायत दर्ज की।
इस विषय पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर कड़ी और आवश्यक… pic.twitter.com/gVThK6jFTn
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) April 15, 2025
क्वीन मैरी स्कूल में रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “उन्हें मॉडल टाउन के एक निजी स्कूल के बारे में शिकायत मिली है कि वहां स्कूल प्रबंधक कथित तौर पर फीस बढ़ा रहा है।” बढ़ी फीस नहीं देने पर विद्यार्थियों को बाहर कर रहा है। “आज मॉडल टाउन के क्वीन मैरी स्कूल से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां अभिभावकों ने अनुचित फीस वसूली और छात्रों को निकाले जाने की शिकायत की,” उन्होंने एक्स पर इस घटना को साझा किया।”
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अभिभावक से शिकायत मिलने पर शिक्षा विभाग के अधिकारी को फोन किया और उसे क्वीन मैरी स्कूल का पंजीकरण तत्काल रद्द करने का आदेश दिया। हालाँकि, स्कूल प्रबंधन ने इस मामले पर कुछ भी कहा नहीं है।
ये आरोप अभिभावक ने लगाए थे
दरअसल, क्वीन मैरी स्कूल में पढ़ने वाले एक विद्यार्थी के अभिभावक ने कहा कि स्कूल ने पिछले वर्ष अचानक अपनी फीस बढ़ा दी थी। उन्होंने कहा कि जब हमने अतिरिक्त राशि का भुगतान करने से इनकार कर दिया तो स्कूल ने मेरी बेटी को पुस्तकालय में रखा और उसे उसकी किसी भी कक्षा में शामिल नहीं होने दिया.
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