17 फरवरी 2026 को फाल्गुन अमावस्या पर साल का पहला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse 2026) कुंभ राशि में लगने जा रहा है। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल के नियम लागू नहीं होंगे। इसके बावजूद ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसका सूक्ष्म प्रभाव सभी राशियों और जन्म तारीखों पर पड़ सकता है।
सूर्य ग्रहण का विज्ञान और ज्योतिषीय महत्व
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी कुछ समय के लिए रुक जाती है। ज्योतिष के अनुसार ग्रहण जीवन में बड़े बदलाव लाने वाला समय होता है और नई सोच व योजनाओं की शुरुआत का संकेत देता है। विशेष रूप से यह ग्रहण कुंभ राशि में लग रहा है, जो नवाचार और भविष्य की योजना बनाने की ऊर्जा प्रदान करती है।
also read: Mahashivratri 2026: 15 या 16 फरवरी? जानें सही तिथि, पूजा…
महिलाओं के लिए जन्म तारीख के अनुसार सलाह
-
1 तारीख: आत्मविश्वास में उतार-चढ़ाव, भावनाओं पर नियंत्रण रखें।
-
5 तारीख: मन विचलित हो सकता है, निर्णय सोच-समझकर लें।
-
9 तारीख: गुस्सा बढ़ सकता है, जल्दबाजी से बचें।
-
10 तारीख: भावनाओं में उतार-चढ़ाव, शांत रहकर फैसले लें।
-
14 तारीख: मानसिक तनाव बढ़ सकता है, जल्दबाजी न करें।
-
18 तारीख: उग्र ऊर्जा से विवाद बढ़ सकता है, धैर्य बनाए रखें।
-
19 तारीख: आत्मसम्मान प्रभावित, गहरी सोच के बाद निर्णय लें।
-
23 तारीख: बेचैनी और उलझन, संतुलित रहकर निर्णय लें।
-
27 तारीख: भावनाएं उग्र, शांत रहकर ही निर्णय लें।
-
28 तारीख: मूड उतार-चढ़ाव, रिश्तों में गलतफहमी से बचें।
सूर्य ग्रहण के समय सावधानी, धैर्य और सकारात्मक कार्यों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। इससे न केवल मानसिक शांति बनी रहती है, बल्कि जीवन में संतुलन और निर्णय क्षमता भी बेहतर होती है।