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हरियाणा सरकार ने चतुर्थ श्रेणी के 7596 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि वंचित अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़े वर्गों को इस भर्ती में आरक्षण मिलेगा। सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) में मिलने वाले अंक निर्णायक होंगे। यह भर्ती प्रक्रिया सामाजिक न्याय को बढ़ावा देगी और युवाओं को नौकरी मिलेगी।
मुख्यमंत्री नायब सैनी: चतुर्थ श्रेणी के 7596 पदों को सरकारी विभागों, बोर्ड-निगमों, स्वायत्त संस्थाओं और सरकारी कंपनियों में भर्ती किया जाएगा। वंचित अनुसूचित जाति (डीएससी) और अन्य अनुसूचित जाति (ओएससी) के लिए पहली बार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों पर भर्ती की गई है। DC और OC के लिए 605 और 604 पद आरक्षित रहेंगे।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने घोषणा की
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के माध्यम से जल्द ही चतुर्थ श्रेणी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। वंचित अनुसूचित जाति, अन्य अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग-ए (बीसीए), पिछड़ा वर्ग-बी (बीसीबी), दिव्यांग, खिलाड़ी, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EBLUS) और एक्स सर्विसमैन को भर्ती में आरक्षण मिलेगा।
आवेदक का सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) स्कोर निर्णायक होगा। यह मेरिट-आधारित और पारदर्शी चयन सुनिश्चित करेगा।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने क्या स्पष्टीकरण दिया?
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि सभी वर्गों के लिए आरक्षण की नवीन व्यवस्था एक ऐतिहासिक पहल है जो असमानताओं को दूर करता है और लाभों का निष्पक्ष वितरण सुनिश्चित करता है। यह कदम निष्पक्षता और सामाजिक समावेशिता को सुनिश्चित करेगा और रोजगार भी पैदा करेगा।
प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर देने के अपने वादे को पूरा करने में तेजी से काम कर रही है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मूल मंत्र को मानते हुए।
साथ ही, यह भर्ती प्रक्रिया सामाजिक न्याय को बढ़ावा देगी: मुख्यमंत्री नायब सैनी
नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार (Haryana Government Job Alert) का साझा लक्ष्य ‘अंत्योदय’ है, जिसका अर्थ है कि समाज के सबसे वंचित वर्गों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देना। यह भर्ती प्रक्रिया समाज के सभी वर्गों को उनका हक दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, खासकर अनुसूचित जातियों और अन्य पिछड़े समुदायों को।
इस भर्ती प्रक्रिया से न केवल रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि सामाजिक न्याय भी बढ़ेगा। यह तकनीक भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाएगी और आवेदन और चयन प्रक्रिया को और अधिक कुशल और सरल बनाएगी। यह कदम सरकार की सामाजिक समानता और समावेश की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा और युवाओं को नए अवसर देगा।
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