Dollar vs Rupee: रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती पर: 15% ग्लोबल टैरिफ के बावजूद भारतीय मुद्रा बेखौफ

Dollar vs Rupee: रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती पर: 15% ग्लोबल टैरिफ के बावजूद भारतीय मुद्रा बेखौफ

Dollar vs Rupee: बुधवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ और 90.89 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। कमजोर डॉलर और घरेलू शेयर बाजारों की तेजी से रुपये को समर्थन मिला, जबकि ग्लोबल टैरिफ की खबरों के बीच निवेशकों की नजर बनी रही।

Dollar vs Rupee: बुधवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती दिखाते हुए शुरुआती कारोबार में 90.89 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। कमजोर अमेरिकी डॉलर और घरेलू शेयर बाजारों की सकारात्मक शुरुआत ने रुपये को मजबूती प्रदान की।

वैश्विक टैरिफ और डॉलर पर असर

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद वैश्विक बाजारों में हलचल मची थी। हालांकि, Supreme Court of the United States ने पहले के टैरिफ प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिससे डॉलर और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर दबाव बना। इसके बावजूद, भारतीय रुपया मजबूती के साथ उभरा और अमेरिकी डॉलर को छह बार पटका।

रुपये में मजबूती का कारण

फाइनेंस एक्सपर्ट Anil Kumar Bhansali, हेड ऑफ ट्रेज़री, Finrex Treasury Advisors LLP के अनुसार, डॉलर की लगातार मांग के बावजूद रुपये ने केवल छह पैसे की हलचल के साथ 90.95 प्रति डॉलर पर सत्र समाप्त किया। उनका अनुमान है कि रुपये का कारोबार दिन के दौरान 90.75 से 91.25 के दायरे में रह सकता है और डॉलर में किसी भी गिरावट पर खरीदारी देखने को मिल सकती है।

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घरेलू शेयर बाजार में उछाल

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 90.94 पर खुला और 90.89 तक मजबूत हुआ। इसी दौरान डॉलर सूचकांक, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति दर्शाता है, 0.07% गिरकर 97.77 पर आया।

डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती के साथ ही घरेलू शेयर बाजार भी सकारात्मक रहा। बीएसई सेंसेक्स 558.79 अंक चढ़कर 82,784.71 पर और निफ्टी 157.05 अंक बढ़कर 25,581.70 पर बंद हुआ। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली ने 102.53 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार में सतर्कता बनी रही।

कच्चे तेल की कीमतें

अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude का भाव 1.37 प्रतिशत बढ़कर 71.74 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जिसने रुपये की बढ़त को कुछ हद तक सीमित किया।

इस प्रकार, वैश्विक टैरिफ और डॉलर में उतार-चढ़ाव के बीच भी भारतीय रुपया मजबूती के साथ कारोबार करता रहा और निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत देता रहा।

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