तुलसी के पौधे को सही दिशा और नियमों के अनुसार रखें, जानें किन गलतियों से बचना जरूरी है ताकि तुलसी जी का आशीर्वाद हमेशा बना रहे। तुलसी पूजा और देखभाल के महत्वपूर्ण टिप्स पढ़ें।
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व है। इसे पवित्र और औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। घर में तुलसी लगाने से शुभता, सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद मिलता है। लेकिन कुछ गलत आदतें और नियमों की अनदेखी से तुलसी जी का आशीर्वाद दूर हो सकता है। आइए जानें तुलसी के पौधे को सही तरीके से रखने के नियम और उन गलतियों से बचने के तरीके, जिनसे आपका आशीर्वाद अधूरा रह सकता है।
तुलसी पौधे से आशीर्वाद न मिलने की मुख्य गलतियां:
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तुलसी का पौधा कभी भी दक्षिण या पश्चिम दिशा में न लगाएं, क्योंकि यह अशुभ फल देता है।
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पौधे को सीधे जमीन में नहीं लगाना चाहिए; इसे मिट्टी, पत्थर या पीतल के बर्तन में रखें।
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सूखे या पुराने तुलसी के पत्ते विष्णु जी को चढ़ाना गलत माना जाता है।
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रविवार, एकादशी या ग्रहण के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित है।
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तुलसी को सूखने या मुरझाने न दें, यह पौधे की पवित्रता के लिए हानिकारक है।
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बाथरूम या शयनकक्ष के पास तुलसी का पौधा न रखें।
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रात के समय तुलसी के पत्ते तोड़ना या गंदे हाथों से छूना उचित नहीं है।
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प्लास्टिक या स्टील के बर्तन में तुलसी का पौधा न लगाएं।
तुलसी का आशीर्वाद पाने के लिए करें ये उपाय:
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तुलसी का पौधा हमेशा उत्तर-पूर्व, पूर्व या उत्तर दिशा में लगाएं।
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पौधे को हमेशा साफ-सुथरी और खुली जगह पर रखें।
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तुलसी के पत्ते नहाने के बाद ही तोड़ें, और हाथ साफ रखें।
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रोजाना तुलसी की देखभाल करें और शाम को दीपक जलाएं।
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कुंडली में राहु-केतु दोष हो तो तुलसी के पौधे की परिक्रमा दोष निवारण में मदद करती है।
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मिट्टी, पत्थर या पीतल के बर्तन में ही तुलसी का पौधा लगाएं।