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Rudraksha Wearing Rules: रुद्राक्ष पहनते हैं? जानिए रुद्राक्ष पहनने के सही नियम और कौन-सी गलतियां आपकी आध्यात्मिक ऊर्जा को कर सकती हैं कमजोर। शिव पुराण के अनुसार रुद्राक्ष धारण से पहले जानें ये जरूरी बातें।
Rudraksha Wearing Rules in Hindi: रुद्राक्ष सिर्फ एक धार्मिक गहना नहीं, बल्कि शिव का आशीर्वाद और आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे पहनने के कुछ खास नियम हैं? रुद्राक्ष को अनुशासन के बिना पहनने से इसका प्रभाव कम हो सकता है और ये आपके जीवन में नकारात्मकता भी ला सकता है।
रुद्राक्ष क्या है और क्यों है इतना खास?
रुद्राक्ष एक पवित्र बीज है जिसे भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। यह न केवल मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति में मदद करता है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा से भी रक्षा करता है। शिव पुराण और पद्म पुराण में इसके महत्व और उपयोग के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
इन गलतियों से बचें, वरना रुद्राक्ष खो सकता है अपनी शक्ति:
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मांसाहार सेवन: रुद्राक्ष पहनने के बाद मांस या मदिरा का सेवन इसकी ऊर्जा को नष्ट कर देता है।
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सोते या शौच जाते समय धारण करना: इन अशुद्ध समयों में रुद्राक्ष पहनना वर्जित माना गया है।
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दूसरों को रुद्राक्ष छूने देना: यह आपकी ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है। इसे हमेशा निजी रखें।
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इत्र या परफ्यूम लगाना: रुद्राक्ष पर केमिकल आधारित इत्र लगाने से इसकी प्राकृतिक शक्ति क्षीण हो सकती है।
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स्टाइल या फैशन के लिए पहनना: यह कोई सजावटी वस्तु नहीं बल्कि आध्यात्मिक उपकरण है। इसका अनादर न करें।
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गंदे हाथों से छूना: पवित्रता का ध्यान रखना अनिवार्य है।
रुद्राक्ष पहनने का सही तरीका क्या है?
- स्नान के बाद स्वच्छ और शांत मन से रुद्राक्ष धारण करें।
- धारण करते समय “ॐ नमः शिवाय” या रुद्र मंत्र का जाप करें।
- सोने, खाना खाते समय या अशुद्ध स्थान पर जाने से पहले उतार दें
- जब उपयोग में न हो, तो इसे मंदिर में रखें।
- किसी और को अपना रुद्राक्ष न दें और साझा करने से बचें।
शास्त्रों में क्या कहा गया है रुद्राक्ष के नियमों को लेकर?
शिव पुराण के अनुसार, “रुद्राक्ष को शुद्धता और श्रद्धा के साथ पहनने से यह आपके पापों का नाश करता है। अशुद्ध कार्यों के दौरान पहनने से इसकी शक्ति समाप्त हो जाती है।”
पद्म पुराण में उल्लेख है, “बिना अनुशासन के रुद्राक्ष धारण करना अनुचित है। यह शिव की तीसरी आंख की तरह आपकी रक्षा करता है, इसलिए इसका आदर करें।”
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