Reserve Bank of India: रिजर्व बैंक ने ग्राहक सेवा को बेहतर बनाने के लिए केवाईसी अपडेट और इनऑपरेटिव अकाउंट्स से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की है।
Reserve Bank of India: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने “जानें अपने ग्राहक (केवाईसी)” के नियमों में बदलाव करने का प्रस्ताव दिया। इसका उद्देश्य धन चोरी को रोकना है। लाखों बैंक ग्राहकों और सरकारी स्कीम्स के लाभार्थियों को KYC अपडेट करना आसान हो जाएगा। रिजर्व बैंक ने ड्राफ्ट सकुर्लर में केवाईसी को समय-समय पर अपडेट करने में आने वाली समस्याओं को हल किया है।
कई केवाईसी अपडेट मामले पेंडिंग में हैं
क्रेंद्रीय बैंक ने जारी ड्राफ्ट सकुर्लर में कहा कि केवाईसी को समय-समय पर अपडेट कराने के कई मामलों में पेंडिंग देखा गया है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (EBT) और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के लिए खोले गए खाते शामिल हैं। ग्राहकों को प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गए अकाउंट्स से भी परेशानी हो रही है। केवाईसी को अपडेट करना मुश्किल हो रहा है। रिजर्व बैंक को केवाईसी को समय-समय पर अपडेट करने में ग्राहकों से शिकायतें मिल रही हैं।
बैंकों के लिए यह अब अनिवार्य है
रिजर्व बैंक ने सभी बैंक ग्राहकों को केवाईसी को समय-समय पर अपडेट करने का आदेश दिया है। बैंकों को अब नियमित रूप से केवाईसी अपडेट के बारे में अपने ग्राहकों को कम से कम तीन बार पूर्व सूचना देना होगा। 6 जून तक सभी साझेदार केंद्रीय बैंक के प्रस्ताव पर अपने विचार दे सकते हैं।
आरबीआई ने कहा कि बैंकों को बिना दावे वाली रकम या डॉरमेंट अकाउंट्स के लिए अनिवार्य रूप से केवाईसी अपडेट कराने की सुविधा देनी चाहिए। इसके अलावा, अगर बैंक वीडियो कनज्यूमर आइडेंटिफिकेशन प्रॉसेस (V-CIP) की सुविधा प्रदान करता है, तो अकाउंट होल्डर के अनुरोध पर उन्हें इस सुविधा प्रदान करें। रिजर्व बैंक ने कहा कि अधिकृत बिजनेस कॉरस्पोंडेंट को इनएक्टिव बैंक अकाउंट्स को एक्टिवेट करने में भी मदद दी जा सकती है।
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