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Reliance Power को एक बड़ी उपलब्धि मिली है, क्योंकि अनिल अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी को SJVN लिमिटेड से चौबीसों घंटे रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन करने के लिए हाइब्रिड और स्टोरेज बेस्ड सॉल्यूशंस की मदद से बड़ा टेंडर मिला है। यह टेंडर रिलायंस एनयू एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड (Reliance NU Energies Pvt Ltd), रिलायंस पावर की एक सब्सिडियरी, को दिया गया है। कंपनी को यह ऑर्डर 10 नवंबर 2025 को मिला, जिसमें 750 MW/3000 MWh का टेंडर शामिल है, जो टेंडर अलॉटमेंट का आधा हिस्सा है।
Reliance Power का बड़ा टेंडर और निवेशकों की उम्मीदें
इस टेंडर को 3.3 गुना ओवरसब्सक्राइब किया गया, जो रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है। रिलायंस एनयू एनर्जीज ने इस ई-ऑक्शन में 6.74 रुपये प्रति किलोवाट घंटा के मिनिमम टैरिफ के साथ सबसे अच्छा प्रस्ताव दिया और इस प्रोजेक्ट के लिए विजेता बनी।
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य हाइब्रिड और स्टोरेज बेस्ड सॉल्यूशंस का उपयोग करके चौबीसों घंटे रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन करना है, जो भविष्य में Reliance Power के लिए एक महत्वपूर्ण विकास साबित हो सकता है।
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अनिल अंबानी के लिए राहत का पल
इस सफलता से Reliance Power अब सोलर-प्लस-स्टोरेज सेगमेंट में सबसे बड़ा खिलाड़ी बन गया है। वर्तमान में कंपनी के पास चार प्रमुख टेंडर हैं, जिनकी कुल क्षमता 4 गीगावाट (GWp) सोलर एनर्जी और 6.5 गीगावाट (BESS) है। इस मुकाम को कंपनी ने एक साल से भी कम समय में हासिल किया है, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
यह खबर अनिल अंबानी के लिए राहत की तरह आई है, क्योंकि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और लोन फ्रॉड जैसे मामले चल रहे हैं। इस सफल डील ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है।
Reliance Power का तिमाही प्रदर्शन (Q2 Results)
कंपनी के Q2 2025-26 के नतीजों में नेट प्रॉफिट ₹87 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹352 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इसके अलावा, कंपनी की टोटल इनकम भी पिछले साल के ₹1,963 करोड़ रुपये से बढ़कर ₹2,067 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।