राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा ने अवैध खनन को मिथक बताया। खेजड़ी कटान, सोलर प्लांट, पौधारोपण और प्रदूषण नियंत्रण जैसे मुद्दों पर दी प्रतिक्रिया। जानें पूरी जानकारी।
वन मंत्री संजय शर्मा ने सोमवार को चित्तौड़गढ़ दौरे के दौरान वन क्षेत्रों में अवैध खनन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदेश के वन क्षेत्र में अवैध खनन की जो खबरें सामने आती हैं, वे मिथक से अधिक कुछ नहीं हैं। मंत्री का दावा है कि अधिकांश खनन गतिविधियां राजस्व भूमि पर संचालित हो रही हैं, न कि संरक्षित वन क्षेत्रों में।
सोलर प्लांट और खेजड़ी कटान पर मंत्री की सफाई
मारवाड़ क्षेत्र में खेजड़ी के पेड़ों के कटान और सोलर प्लांट द्वारा पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री शर्मा ने कहा कि ये प्लांट किसानों की निजी भूमि पर स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि न्यूनतम पर्यावरणीय क्षति हो और पौधों को नुकसान न पहुंचे।
10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य, 7.91 करोड़ पौधे लगाए गए
मंत्री संजय शर्मा ने जानकारी दी कि राज्य में 2025 में 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिनमें से अब तक 7.91 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। पहली बार त्रिस्तरीय मूल्यांकन प्रणाली लागू की गई है, जिसमें तीन अलग-अलग एजेंसियां भौतिक सत्यापन कर रही हैं कि लगाए गए पौधे वास्तव में जीवित हैं या नहीं।
लवकुश वाटिकाएं और रिसॉर्ट जमीनों की सुरक्षा पर ज़ोर
मंत्री ने कहा कि लवकुश वाटिकाओं और पर्यटक रिसॉर्ट्स की जमीनों की सुरक्षा और प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, दुर्ग क्षेत्र में हो रहे अवैध कब्जों पर जल्द कार्रवाई की बात कही गई।
वनाधिकार पट्टे और नरेगा कार्यों की समीक्षा
वन मंत्री की बैठक में विधायक सुरेश धाकड़ ने वनाधिकार पट्टों का मुद्दा उठाया। मंत्री ने इस पर जल्द नीति संबंधी शिथिलता का आश्वासन दिया। बैठक में वन विभाग और नरेगा से जुड़े कार्यों की समीक्षा भी की गई।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल पर मंत्री की सख्ती
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की जवाबदेही पर मंत्री ने नाराज़गी जताई, जब वे चित्तौड़गढ़ के प्रदूषण स्तर का सटीक आंकड़ा नहीं दे पाए। जिले में 15 रेड जोन और 416 ऑरेंज जोन उद्योग सक्रिय हैं। मंत्री ने पॉलीथीन की अवैध बिक्री पर भी कड़ी आपत्ति जताई और ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए।