Rajasthan News: डॉ. जे.पी. यादव ने बताया कि यूपी के किसानों द्वारा आम को बचाने के लिए उपयोग में लिये जा रहे प्रोटेक्शन बैग का इस्तेमाल किया जा सकता है।
Rajasthan News: खरीफ मौसम पूर्व उन्नत कृषि तकनिकी प्रसार एवं किसानों की समस्याओं पर सीधा संवाद करने के लिए 29 मई से 12 जून तक आयोजित किये जा रहे विकसित कृषि संकल्प अभियान के कैम्पों का बाडमेर में सोमवार को केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के निदेशक डॉ. जे.पी. यादव ने निरीक्षण कर किसानों से संवाद किया, उन्हें अभियान के उद्देश्य के बारे में समझाया।
निदेशक ने ग्राम पंचायत गरल एवं बारासन-गुडामालानी में कैम्पों का निरीक्षण किया। ग्राम गरल में कृषि विज्ञान केन्द्र, दांता की ओर से आयोजित कैम्प में डॉ. जे.पी. यादव को प्रगतिशील किसानों ने अवगत कराया कि नवाचार फसलों में खजूर एवं अनार की बागवानी किसानों द्वारा अपनाई गई है परन्तु पक्षियों एवं गिलहरी द्वारा होने वाले नुकसान से बचाने के लिए किसानों को नवीनतम तकनिकी अपनाने की आवश्यकता है। डॉ. जे.पी. यादव ने बताया कि यूपी के किसानों द्वारा आम को बचाने के लिए उपयोग में लिये जा रहे प्रोटेक्शन बैग का इस्तेमाल किया जा सकता है। जिले में फसलों को आवारा एवं जंगली पशुओं से बचाने हेतू कृषि विभाग की ओर से कांटेदार तारबंदी पर अनुदान दिया जाता है परन्तु जिले में लक्ष्य कम होने तथा किसानों की आवश्यकता अधिक होने से आवेदित सभी कृषकोें को अनुदान का लाभ नही मिल पाता है।
संयुक्त निदेशक(कृषि विस्तार) डॉ. आर.बी. सिंह ने किसानों को सामूहिक रूप से तारबंदी करवाने की आवश्यकता जताई। ग्राम बारासन-गुडामालानी में डॉ. बी.एल. मीणा ने केन्द्र की गतिविधियों की जानकारी दी तथा जीरे में उखटा रोग से होने वाले नुकसान के बारे में अवगत कराया तथा इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए कृषि क्रियाओं में बदलाव के साथ ही जैविक विधियों एवं प्राकृतिक उत्पादों का प्रयोग की आवश्यकता पर बल दिया । ईसबगोल फसल में नहरी पानी उपयोग लेने पर नुकसान होने के बारे में अवगत कराया गया। डॉ. यादव ने कृषि विज्ञान केन्द्र, गुडामालानी के वैज्ञानिकों को इस पर ट्रायल,अनुसंधान करने की आवश्यकता बतायी। विकसित कृषि संकल्प अभियान कैम्पों में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों के साथ ही काजरी के वैज्ञानिक कृषि महाविद्यालय के व्याख्याताओं ने भी नवीनतम कृषि प्रौद्योगिकी के बारे में जानकारी दी।
कृषि विभाग के सहायक निदेशक पदमसिंह भाटी ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं अनुदान की जानकारी प्रदान करते हुए महिला शिक्षा को बढावा देने की आवश्यकता बतायी गयी तथा कृषि विभाग ने कृषि विषय पर अध्ययन करने वाली छात्राओं को कक्षा 11 से पीएचडी तक छात्रवृति के बारे में बताया। निरीक्षण दौरे में डॉ. यादव के साथ रामावतार चौधरी, पीडी आत्मा, जोधपुर एवं केदार प्रसाद शर्मा, पीडी आत्मा, बाडमेर भी साथ रहें।
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