12 राशियों कोRAJASTHAN CM भजनलाल शर्मा : विभागीय प्री समिट के आयोजन की समीक्षा बैठक किस्मत, करियर और कारोबार में सफलता मिल सकती है क्योंकि वे 12 साल बाद दिवाली पर गुरु बृहस्पति के उल्टी चाल में भाग लेंगे।
वैदिक पंचांग के अनुसार, दिवाली पर गुरु ग्रह वक्री हो जाएगा, जिससे तीन राशि के लोगों की मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, गुरु ग्रह हर 13 महीने में एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है। साथ ही, वह बार-बार मूर्ख होते रहते हैं। आपको बता दें कि इस वर्ष दिवाली 31 अक्टूबर को होगी और गुरु ग्रह वक्री अवस्था में होगा। यही कारण है कि दिवाली पर कुछ राशियों के लिए गुरु ग्रह वक्री हो सकता है। इन लोगों को अपने करियर और कारोबार में सफलता मिल सकती है। आइए जानें ये शुभ राशि कौन सी हैं..।
सिंह राशि वाले लोगों के लिए गुरु ग्रह का वक्री होना फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि गुरु ग्रह कर्म भाव पर वक्री होगा। इसलिए आप इस दौरान अपने काम में बहुत अच्छा कर सकते हैं। साथ ही, अगर आप नई नौकरी की योजना बना रहे हैं तो इस समय आपको अपनी पसंद की नौकरी मिलने की बहुत संभावना है। आप पैसे बच सकते हैं। वहीं व्यापारियों को इस दौरान बड़ा धन लाभ हो सकता है। साथ ही कारोबार बढ़ सकता है। वहीं आप इस समय पैतृक व्यापार में लाभ प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, आप इस समय अपने पिता से अच्छी तरह से जुड़े रहेंगे।
कर्क राशि (Cancer Zodiac) का गुरु बृहस्पति वक्री हो सकता है, जो कर्क राशि के लोगों के लिए अच्छी खबर दे सकता है। क्योंकि आपकी गोचर कुंडली का धन और लाभ गुरु ग्रह से वक्री हो जाएगा। इसलिए इस दौरान आपकी आय बहुत बढ़ सकती है। साथ ही कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों से अधिकारी संतुष्ट रहेंगे। नया माल या सौदा मिलने की संभावना है। वहीं आपकी नौकरी में महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे। साथ ही आप इस दौरान निवेश से लाभ प्राप्त करेंगे। वहीं इस समय आप शेयर बाजार, सट्टा और लॉटरी खेलकर धन लाभ कर सकते हैं।
Kanya Zodiac या कन्या राशि के लोगों के लिए गुरु ग्रह का उल्टी चाल चलना फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि गुरु ग्रह आपकी राशि से नवम भाव पर जाएगा। इसलिए ये दिवाली आपके लिए शुभ हो सकती है। इस दौरान भाग्य आपसे मिल सकता है। साथ ही आपके अटके हुए काम भी शुरू हो सकते हैं। यहीं आपकी करियर में प्रगति होगी, जो कारोबारियों के लिए लाभदायक होगा। अब आपके कई अधूरे प्रॉजेक्ट्स को शुरू कर सकते हैं। इस दौरान आप विदेशों की यात्रा कर सकते हैं। आप भी किसी धार्मिक या मांगलिक समारोह में शामिल हो सकते हैं।
RAJASTHAN CM भजनलाल शर्मा: विभागीय प्री समिट आयोजन से राइजिंग राजस्थान के आयोजन को मिलेगी मजबूती, निवेश अनुकूल हो विभागों की नवीन नीतियों का निर्माण
RAJASTHAN CM भजनलाल शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 से राजस्थान का विकास तीव्र गति से होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रथम वर्ष में ही इस समिट के आयोजन से प्रदेश में औद्योगिक विकास का विस्तार होगा और युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने निवेश से संबंधित एमओयू को समय से धरातल पर उतारने के निर्देश देते हुए कहा कि छोटे निवेशों को भी तरजीह दी जाए।
श्री शर्मा रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर राइजिंग राजस्थान समिट के तहत विभागीय स्तर पर होने वाली प्री समिट आयोजन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पॉलिसी निर्माण का कार्य संबंधित विभाग गहन विश्लेषण कर पूरा करें, जिससे पॉलिसी सरल, स्पष्ट और गुणवत्तापूर्ण बने एवं इससे निवेशकों को निवेश करने में आसानी हो। समिट की तैयारियों के क्रम में ब्रोशर, प्रजेंटेशन, ऑडियो-वीडियो फिल्में, स्पीच, टॉकिंग पॉइंट, विभागीय नीतियों का सारांश तैयार करने जैसे काम विभाग समय रहते पूरा कर लें।
प्री समिट के आयोजन से पूर्व विभागों की तैयारियां रहे पूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय समिट का स्थान, ब्रांडिंग, डेलीगेट एवं वक्ताओं का चयन तथा प्रोग्राम का शेड्यूल निर्धारित कर प्री समिट का सफल आयोजन सुनिश्चित किया जाए। सभी विभाग प्री समिट में प्रमुख कॉर्पोरेट्स, व्यापार संघों, सीईओ, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों को भी आमंत्रित करें। उन्होंने कहा कि विभागीय पीआरओ मीडिया मैनेजमेंट, मीडिया कवरेज, प्रेस रिलीज, मीडिया इंटरेक्शन, सोशल मीडिया पोस्ट, पोस्ट इवेंट कवरेज आदि के लिए डीआईपीआर के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करें। प्री समिट आयोजन के पश्चात मुख्य गतिविधियों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय एवं उद्योग विभाग में प्रस्तुत की जाए।
नवीन नीतियों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था बनेगी मजबूत
श्री शर्मा ने कहा कि 9-11 दिसंबर तक आयोजित होने वाले राइजिंग राजस्थान समिट को महत्वपूर्ण विभागों की प्री समिट के आयोजन से मजबूती मिलेगी। उन्होंने पर्यटन विभाग को निर्देश दिया कि नवीन पर्यटन नीति के माध्यम से राजस्थान की पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जाए। इसके लिए नीति निर्माण में पर्यटन से संबंधित सभी पहलुओं और हितधारकों का पूर्ण ध्यान रखा जाए। उन्होंने एक जिला-एक उत्पाद, एक जिला-एक डेस्टिनेशन को बढ़ावा देने के लिए समुचित प्रयास करने के निर्देश दिए। राज्य में वाइल्डलाईफ, डेजर्ट और धार्मिक पर्यटन को बढ़ाने के लिए उन्होंने विशेष कार्ययोजना बनाने के लिए निर्देशित किया।
मुख्यमंत्री ने कृषि एवं पशुपालन व सहकारिता के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष बल दिया। उन्होंने प्रदेश में वेयरहाउसिंग को अधिक मजबूत बनाने के निर्देेश देते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में नवीन किस्म के फर्टिलाइजर्स, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, फूड पार्क, एग्रो प्रोसेसिंग तथा कृषि विपणन में निवेश के माध्यम से रोजगार के नवीन अवसर सृजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में निवेश से खेती-किसानी को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान खनिज संपदा की उपलब्धता के क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में से एक है। प्रदेश में उपलब्ध खनिजों की जिलेवार सूची बनाई जाए और विभागीय वेबसाइट के माध्यम से एवं बुकलेट के जरिए इनका विपणन कार्य किया जाए। उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके लिए नवीन स्किल नीति के माध्यम से युवाओं को इंटर्नशिप कार्यक्रम से जोड़ने के लिए निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने चिकित्सा के क्षेत्र में फार्मा से संबंधित कंपनियों के निवेश को बढ़ावा देने के लिए चिकित्सा विभाग को निर्देशित किया। उन्होंने ऊर्जा में मैन्यूफैक्चरिंग व बैटरी स्टोरेज के क्षेत्र में राजस्थान को अग्रणी बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक संख्या में प्रदेश में निवेश लाएं तथा राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 के माध्यम से प्रदेश को नई औद्योगिक ऊंचाईयों तक पहुंचाए। जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ बने।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव उद्योग श्री अजिताभ शर्मा, प्रमुख शासन सचिव स्वायत्त शासन श्री राजेश कुमार यादव, प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास श्री वैभव गालरिया सहित विभिन्न विभागों के शासन सचिव मौजूद रहे एवं वीसी के माध्यम से बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा श्री आलोक सहित प्रमुख विभागों के शासन सचिव भी जुड़े।