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राजस्थान विधानसभा की विधायक दल की बैठक में मंत्री किरोड़ी मीणा और विधायक जितेंद्र गोठवाल के बीच हुई झड़प, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बीच में दखल देकर मामला शांत कराया। वसुंधरा राजे बैठक में नहीं हुईं शामिल।
राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा बुलाई गई विधायक दल की बैठक में कैबिनेट मंत्री किरोड़ी मीणा और विधायक जितेंद्र गोठवाल के बीच तीखी बहस हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला तू-तड़ाक तक पहुंच गया। मुख्यमंत्री को बीच में दखल देकर स्थिति को नियंत्रण में लाना पड़ा। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शामिल नहीं हुईं।
विधायक दल की बैठक में विवाद का कारण
सुबह 10 बजे विधानसभा परिसर में शुरू हुई बैठक में विधायक जितेंद्र गोठवाल ने सवाई माधोपुर के पीएचईडी विभाग के एक अधिकारी पर शिकायत उठाई कि वह उनका काम नहीं कर रहा। इस पर मंत्री किरोड़ी मीणा ने गोठवाल को फालतू बकवास करने तक कह दिया। इसके बाद दोनों के बीच बहस तेज़ हो गई और आरोप-प्रत्यारोप के साथ मामला तू-तड़ाक तक पहुंच गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तुरंत हस्तक्षेप कर विवाद को शांत कराया।
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वसुंधरा राजे की गैरहाजिरी पर चर्चाएँ
विधायक दल की इस अहम बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही। हालांकि वे सोमवार को विधानसभा पहुंचीं और बीजेपी के विधायकों से मुलाकात भी की थी, लेकिन मंगलवार को आयोजित बैठक में वे मौजूद नहीं थीं।
सीएम भजनलाल पेश करेंगे धर्म स्वातंत्रा विधेयक
यह विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा विधानसभा में धर्म स्वातंत्रा विधेयक पेश करने को लेकर बुलाई गई थी। यह विधेयक भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले सत्र में भी यह विधेयक प्रस्तुत किया गया था, लेकिन इस बार इसमें नए प्रावधान जोड़कर इसे पुनः लाया जा रहा है।